राष्ट्रवाणी: नई दिल्ली। केंद्र सरकार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए जेन-जी के हालिया विरोध प्रदर्शनों की भूमिका पर चल रही बहस के बीच मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को एक अप्रत्यक्ष राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को राजनीतिक लेबल से परिभाषित करने के बजाय, वे “उम्मीद की पीढ़ी” का प्रतिनिधित्व करते हैं।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित राहत शिविरों का दौरा करने के बाद ये टिप्पणियां कीं, जहां उन्होंने हाल की बाढ़ से विस्थापित हुए बच्चों से बातचीत की। मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स पर इस यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “इन्हें जेनरेशन जी या जेनरेशन अल्फा कहा जा सकता है। मेरे लिए ये जेनरेशन होप हैं। इन विनाशकारी बाढ़ के बीच उनकी हंसी, मासूमियत और आशावाद हमें याद दिलाते हैं कि उम्मीद हमेशा कठिनाई से अधिक मजबूत होती है।”

हालांकि मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर किसी राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनकी ये टिप्पणी राजधानी के जंतर-मंतर पर किए गए छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में आई है। इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी अपना इस्तीफा दे दिया था।

इस पोस्ट को मुख्यमंत्री सरमा द्वारा युवाओं के बारे में धारणा बदलने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्हें राजनीतिक टकराव के बजाय लचीलेपन और आशावाद के प्रतीक के रूप में चित्रित किया गया है।

अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में शरण लिए हुए बच्चों और परिवारों से बातचीत की राहत व्यवस्थाओं की समीक्षा की और प्रभावित लोगों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार सामान्य स्थिति बहाल होने तक हर संभव सहायता प्रदान करती रहेगी।

मुख्यमंत्री शर्मा पिछले कुछ दिनों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का नियमित दौरा कर रहे हैं, ताकि जमीनी स्थिति का जायजा ले सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि राज्य प्रशासन प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत उपायों और दीर्घकालिक पुनर्वास दोनों पर काम कर रहा है। साथ ही, यह सुनिश्चित कर रहा है कि बच्चों और कमजोर समूहों को विशेष ध्यान मिले।

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