ब्रसेल्स. यूरोपीय संघ (ईयू) ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर यूक्रेन युद्ध समाप्त करने का दबाव बढ़ाने के लिए बृहस्पतिवार को रूस पर कई और आर्थिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की. इससे पहले बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के तेल उद्योग के खिलाफ कई प्रतिबंधों की घोषणा की थी.
हालांकि, रूसी अधिकारियों और सरकारी मीडिया ने पश्चिमी देशों के दंडात्मक उपायों को काफी हद तक अप्रभावी बताते हुए खारिज कर दिया. पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का मकसद यूक्रेन में युद्ध जारी रखने में रूस की मदद करने वाले राजस्व स्रोतों को बाधित करना और पुतिन पर शांति वार्ता की मेज पर आने के लिए दबाव बढ़ाना है. इन प्रतिबंधों को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के लिए जीत के तौर पर देखा जा रहा है, जो अपने देश में युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस के खिलाफ कड़े उपाय लागू करने की मांग करते आए हैं.
जेलेंस्की ने कहा, ”हम इसका इंतजार कर रहे थे. ईश्वर चाहेंगे तो यह काम करेगा. यह कदम बहुत महत्वपूर्ण है.” उन्होंने ब्रसेल्स में एक शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे यूरोपीय संघ के नेताओं की ओर से रूस के खिलाफ ताजा प्रतिबंधों की घोषणा के बाद यह टिप्पणी की.
अधिकारियों के मुताबिक, शांति स्थापना के लिए अमेरिका के नेतृत्व में हाल के महीनों में गए प्रयासों के बावजूद युद्ध समाप्त होता नजर नहीं आ रहा है और यूरोपीय नेता रूस से बढ़ते खतरे को लेकर चिंतित हैं.
उन्होंने कहा कि ऊर्जा स्रोतों से होने वाला राजस्व रूस की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है, जिससे पुतिन को सशस्त्र बलों को संसाधन उपलब्ध कराते रहने में मदद मिलती है. अधिकारियों के अनुसार, रूसी उपाय मुख्यत: रूस के तेल और गैस उद्योग को निशाना बनाते हैं. इनके तहत, यूरोपीय संघ में रूसी तरलीकृत प्राकृतिक गैस के आयात और सैकड़ों पुराने तेल टैंकर के साथ संचालित 100 से ज्यादा नए जहाजों के बंदरगाहों पर रुकने पर प्रतिबंध लगाया गया है. ताजा प्रतिबंधों के साथ पश्चिमी देशों की ओर से प्रतिबंधित किए जाने वाले ऐसे जहाजों की कुल संख्या 557 हो गई है.
उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ ने क्रिप्टोकरंसी में किए जाने वाले लेन-देन को भी लक्षित किया है, जिनका रूस प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए बढ़-चढ़कर इस्तेमाल कर रहा है. इसके अलावा, रूसी भुगतान प्रणाली और कार्ड से ईयू में किसी भी तरह के भुगतान पर भी रोक लगा दी गई है.
अधिकारियों ने बताया कि ईयू ने रूसी संस्थाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अत्याधुनिक कंप्यूटिंग सेवाएं प्रदान करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. इसके अलावा, रूस को सैन्य निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक घटकों, रसायनों और धातुओं का निर्यात भी प्रतिबंधित कर दिया गया है.
अधिकारियों के मुताबिक, 27 देशों वाले यूरोपीय संघ में रूसी राजनयिकों की आवाजाही को सीमित करने के लिए एक नयी प्रणाली भी शुरू की जाएगी. बृहस्पतिवार को अतिरिक्त प्रतिबंधों की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में प्रति बैरल दो अमेरिकी डॉलर से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई. हालांकि, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने नए प्रतिबंधों को ”बातचीत के जरिये यूक्रेन युद्ध का सार्थक समाधान निकालने के प्रयासों के लिए पूरी तरह से प्रतिकूल बताया.”
