राष्ट्रवाणी: अमित पाण्डेय, डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ शहर में रविवार को उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे 100 से अधिक निवेशक रेलवे चौक स्थित वैसलियन चर्च के पास एक मकान के बाहर एकत्र हो गए। निवेशकों का आरोप है कि फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ‘लॉन्ग एशिया’ (Long Asia) के जरिए उनसे करोड़ों नहीं, बल्कि अरबों रुपये की कथित ठगी की गई है और इस नेटवर्क के तार डोंगरगढ़ से जुड़े हैं। बता दें कि अचानक बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ समय के लिए सड़क पर जाम जैसी स्थिति भी निर्मित हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। मौके पर मौजूद निवेशकों ने बताया कि वे पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश सहित देश के करीब 10 राज्यों से डोंगरगढ़ पहुंचे हैं। उनका आरोप है कि ऑनलाइन जूम मीटिंग, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों को फॉरेक्स ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का सपना दिखाकर निवेश कराया गया। निवेशकों के अनुसार शुरुआत में समय पर अच्छा रिटर्न दिया गया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा और बड़ी संख्या में निवेशक इस प्लेटफॉर्म से जुड़ते चले गए। कई लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी निवेश कर दी, जबकि कुछ ने बैंक खातों से रकम निकालकर और कर्ज लेकर भी इसमें पैसा लगाया। पीड़ित निवेशकों का कहना है कि फरवरी 2026 से प्लेटफॉर्म पर अचानक तकनीकी समस्या (टेक्निकल इश्यू) का हवाला देकर विथड्रॉल बंद कर दिया गया। इसके बाद निवेशकों की रकम प्लेटफॉर्म पर फंस गई और भुगतान पूरी तरह बंद हो गया। निवेशकों का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में पांच लोग शामिल हैं और देशभर के एक लाख से अधिक निवेशक इसकी चपेट में आए हैं। उनका यह भी आरोप है कि फंसी हुई राशि अरबों रुपये तक पहुंच चुकी है। हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आरोपियों की तलाश में डोंगरगढ़ पहुंचे निवेशकों ने मामले से जुड़े बताए जा रहे एक व्यक्ति के घर का घेराव भी किया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय नागरिकों ने निवेशकों से कानून अपने हाथ में न लेने और पुलिस के माध्यम से कार्रवाई कराने की अपील की। इसके बाद पुलिस ने सभी को वहां से हटाकर थाने पहुंचने और कानूनी प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी। घटना के बाद सभी निवेशक डोंगरगढ़ थाने पहुंचे और थाना प्रभारी भूषण चंद्राकर से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी भी निवेशक ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। थाना प्रभारी भूषण चंद्राकर ने बताया कि विभिन्न राज्यों से आए लोगों ने ऑनलाइन ठगी की जानकारी दी है, लेकिन अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि जिस स्थान से उनके साथ कथित ऑनलाइन ठगी हुई है, पहले वहां के संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं। यदि जांच के दौरान डोंगरगढ़ पुलिस के सहयोग की आवश्यकता होगी, तो नियमानुसार हरसंभव सहयोग किया जाएगा। नागपुर से आए निवेशक रविशंकर बाघ ने मीडिया से चर्चा के दौरान गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुलजीत सिंह भाटिया, जोगेंद्र वर्मा, अभय कुनले और मयंक सहित कुछ लोगों ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कराया और अब बड़ी संख्या में लोगों की रकम फंस गई है। उन्होंने कहा कि प्रभावित निवेशक जल्द ही राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक और रेंज आईजी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक आरोपित पक्ष का कोई बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने भी अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लॉन्ग एशिया (Long Asia) खुद को एक ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बताता है, जहां विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) और अन्य वित्तीय उत्पादों में निवेश कराने का दावा किया जाता है। हालांकि, सार्वजनिक रिकॉर्ड में इसे भारत में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) या भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) से अधिकृत फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म होने का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इससे जुड़े कुछ डोमेन को लेकर न्यूज़ीलैंड की वित्तीय नियामक संस्था फमा पहले ही निवेशकों के लिए चेतावनी जारी कर चुकी है। भारत में फॉरेक्स ट्रेडिंग केवल अधिकृत संस्थाओं और फेमा के नियमों के तहत ही की जा सकती है। ऐसे में यदि कोई प्लेटफॉर्म अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराता है और बाद में विथड्रॉल पर रोक लगा देता है, तो उसकी वैधता और कार्यप्रणाली की जांच आवश्यक हो जाती है। फिलहाल डोंगरगढ़ से जुड़े इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। वहीं, अधिक मुनाफे की उम्मीद में निवेश करने वाले विभिन्न राज्यों के सैकड़ों निवेशक फिलहाल अपनी ही मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version