राष्ट्रवाणी: न्यूज़, सूरजपुर: प्रतापपुर थाना क्षेत्र में अपहरण के बाद हुई हत्या के बहुचर्चित मामले में सूरजपुर पुलिस को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। पहले निचली अदालत से जमानत पर रिहा हुए 10 आरोपितो के खिलाफ थाना प्रतापपुर पुलिस ने जिला अभियोजन अधिकारी के मार्गदर्शन में पुनरीक्षण (रिविजन) याचिका दायर की। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, प्रतापपुर ने पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए पूर्व आदेश निरस्त कर दिया। इसके बाद गुरुवार को सभी 10 आरोपितो को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 20 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार 24 जुलाई को ग्राम गोंदा निवासी सम्पतिया ने थाना प्रतापपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 जुलाई की रात ग्राम केंवरा के ललित राजवाड़े, सकल राजवाड़े, चंदन कसेरा सहित अन्य साथी उनके घर पहुंचे और हरिनंदन राजवाड़े के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि सभी ने हरिनंदन का अपहरण कर मोटरसाइकलों से अपने साथ ले गए। बाद में भैंसामुड़ा के केंवरा चौक के पास उसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में फेंककर फरार हो गए। अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना प्रतापपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर जांच के दौरान गवाहों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण, मर्ग जांच और अन्य साक्ष्य संकलित किए गए। जांच के आधार पर पुलिस ने 27 जुलाई को ललित राजवाड़े, सकल प्रसाद, आशुतोष राजवाड़े, शिवम कुमार राजवाड़े, रजय गुप्ता, भुनेश्वर प्रसाद राजवाड़े, सुनील राजवाड़े, शिव कुमार राजवाड़े, राजू उर्फ सतीश राजवाड़े तथा मनोज कुमार राजवाड़े को गिरफ्तार किया। कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में प्रार्थिया से आरोपियों की शिनाख्त कराई गई। पूछताछ में आरोपितो ने वारदात में शामिल होना स्वीकार किया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तीन डंडे और चार मोटरसाइकल जब्त किए गए। हालांकि, प्रारंभिक सुनवाई में न्यायालय ने न्यायिक रिमांड का आवेदन खारिज करते हुए आरोपितो को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया था। इसके बाद थाना प्रतापपुर पुलिस ने जिला अभियोजन अधिकारी के मार्गदर्शन में उक्त आदेश के विरुद्ध पुनरीक्षण याचिका दायर की। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, प्रतापपुर ने पुलिस की याचिका स्वीकार करते हुए पूर्व आदेश निरस्त कर दिया। गुरुवार को पुलिस ने आरोपितो को पुनः न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को 20 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में फरार अन्य आरोपितों की तलाश लगातार जारी है।

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