राष्ट्रवाणी: उत्तर प्रदेश के 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के दावे के साथ तैयारी कर रही है. हालांकि, सूबे की 10 सीटें पार्टी के लिए अभेद्य चुनौती बनी हुई हैं. इनमें रामपुर खास, कुंडा, बाबागंज और जसवंत नगर जैसे ‘खानदानी किले’ शामिल हैं, जहां दशकों से व्यक्तिगत प्रभाव कायम है. वहीं सीसामऊ, गोपालपुर, लालगंज, रसड़ा और मलहनी में मजबूत जातीय व सामाजिक समीकरणों के चलते बीजेपी को सफलता नहीं मिल सकी है. बीजेपी इन सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए ऊंचाहार मॉडल (विपक्षी नेताओं को शामिल करना) और सहयोगी दलों (जैसे सुभासपा) के साथ नए चुनावी समीकरण साधने की रणनीति पर काम कर रही है.
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