राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के सिम्स अस्पताल के दंत चिकित्सा विभाग ने चिकित्सा जगत में एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। बचपन से चोट लगने के कारण जबड़ा बंद होने और अविकसित जबड़े की गंभीर समस्या से जूझ रहे 24 वर्षीय एक युवक का सफल सर्जरी कर उसे नया जीवन दिया गया है। आयुष्मान योजना के तहत हुए इस निश्शुल्क इलाज से मरीज अब सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है। मुंगेली जिले के अमलीकापा निवासी 24 वर्षीय मुकेश निषाद (बदला हुआ नाम) बचपन में हुई एक दुर्घटना का शिकार हो गया था। कान के पास जबड़े के जोड़ पर चोट लगने के कारण उसके जबड़े का विकास रुक गया था, जिसे चिकित्सकीय भाषा में अंकलोसिस कहा जाता है। इस दुर्लभ बीमारी की वजह से मुकेश का मुंह बचपन से ही पूरी तरह बंद था। वह केवल तरल पदार्थों पर निर्भर था, जिसके चलते वह गंभीर कुपोषण और शारीरिक दुर्बलता का शिकार हो गया था। वह न तो ठीक से कुछ खा पाता था और न ही बोल पाता था। परिजनों ने मुकेश के इलाज के लिए कई निजी अस्पतालों के चक्कर काटे, जहां आपरेशन का खर्च तीन लाख रुपये से अधिक बताया गया। आर्थिक तंगी के कारण परिवार इलाज करवाने में असमर्थ था। तभी किसी ने उन्हें सिम्स अस्पताल की जानकारी दी। यहां आने पर मुकेश की उम्मीदें सच साबित हुईं और उसका पूरा इलाज किया गया है। वही अब उसका मुंह धीरे-धीरे खुलने लगा है और चिकित्सकों के मुताबिक आने वाले कुछ महिनों के भीतर वह पूरी तरह से ठीक होकर सामान्य जीवन व्यतीत करने लगेगा। सिम्स पहुंचने पर डाक्टरों ने मरीज की प्रारंभिक जांच, खून की जांच, सी बी सी टी और अन्य एक्स-रे करवाए। मुंह बंद होने के कारण एनेस्थीसिया देने में भारी चुनौती थी, इसलिए मरीज के गले में छेद कर नली (ट्रैकिआस्टोमी) डालकर बेहोश किया गया। इसके बाढ़ 4 जून 2026 को दंत चिकित्सा विभाग की विशेषज्ञ टीम ने 6 से 7 घंटे तक चली लंबी और बेहद जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। ””डिस्ट्रेक्शन ओस्टियोजेनेसिस”” प्रक्रिया के तहत जबड़े के दोनों तरफ स्क्रू की मदद से एक विशेष उपकरण लगाया गया है, जिससे अगले 3-4 महीनों में उसका नीचे का जबड़ा धीरे-धीरे प्राकृतिक रूप से बढ़ने लगेगा। आपरेशन के बाद मरीज एक हफ्ते तक सिम्स में भर्ती रहा। डाक्टरों की देखरेख में स्थिति में सुधार होने के बाद उसे उपकरण के साथ ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वर्तमान में मरीज को हर हफ्ते फालो-अप के लिए बुलाया जा रहा है। आपरेशन के महज एक हफ्ते के भीतर ही मुकेश का मुंह धीरे-धीरे खुलना शुरू हो गया है, जिससे उसके चेहरे पर एक बार फिर मुस्कान लौट आई है। इन विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम का रहा विशेष योगदान इस सफल और जटिल आपरेशन को अंजाम देने में दंत चिकित्सा विभाग और निश्चेतना विभाग के डाक्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही इसमें मार्गदर्शन डा भूपेन्द्र कश्यप का रहा। दंत चिकित्सा विभागाध्यक्ष एवं ओरल एंड मैक्सिलोफेसियल सर्जन डा. संदीप प्रकाश, डा जण्डेल सिंह ठाकुर, डा. केतकी किनीकर, डा . हेमलता राजमणी, डा . प्रकाश खरे और डा . सोनल पटेल के साथ निश्चेतना विभाग विभागाध्यक्ष डा. मधुमिता मूर्ति, डा. मिल्तान देवबरमा के साथ रेडियोडायग्नोसिस विभाग विभागाध्यक्ष डा. अर्चना सिंह का सहयोग रहा। डीन डा. रमणेश मूर्ति** और चिकित्सा अधीक्षक डा . लखन सिंह ने पूरी टीम की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान भविष्य में भी आधुनिक तकनीकों के जरिए आम जनता को उच्चस्तरीय और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
Trending
- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला टीम का पहला मुकाबला, क्या जापान की खैर नहीं?
- Vivo के तीन नए 5G फोन, 21 सितंबर को होंगे लॉन्च; मिलेगा MediaTek का ये पावरफुल प्रोसेसर – राष्ट्रवाणी
- आईफोन 18 प्रो की बिक्री आज से: ताली बजाकर ग्राहकों का स्वागत; दिल्ली, नोएडा और मुंबई के स्टोर्स पर उमड़ी भीड़ – राष्ट्रवाणी
- OpenAI ने लॉन्च किया Astra for Law, वकीलों का काम होगा आसान; रिसर्च और ड्राफ्टिंग में करेगा मदद – राष्ट्रवाणी
- WhatsApp स्टोरेज फुल होने से हैं परेशान? इस टूल से मिनटों में खाली करें स्पेस – राष्ट्रवाणी
- Raipur Prayas institution case: आधी रात बच्चे को निकाला हॉस्टल से..अचानक थमाई गई TC, आरोप सुनकर बाल संरक्षण आयोग के भी उड़े होश, जानें क्या है पूरा मामला – राष्ट्रवाणी
- Bilaspur Road Accident: फिर खून से लाल हुई छत्तीसगढ़ की सड़क….बिलासपुर में 4 लोगों की मौत – राष्ट्रवाणी
- 18 सितंबर राशिफल: आज संतान सप्तमी पर बन रहा है बुधादित्य योग, इन 8 राशियों की चमकेगी किस्मत – राष्ट्रवाणी
