राष्ट्रवाणी: आशुतोष तिवारी, जगदलपुर। बस्तर में गरीबों के हक का राशन लगातार अवैध कारोबारियों के निशाने पर है। खाद्य विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए जगदलपुर के अनुपमा चौक के पास से 378 बोरी पीडीएस चावल और 6 बोरी पीडीएस चना जब्त किया है। जब्ती की कुल कीमत 7.5 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई के समय राशन चावल गोदाम से सीधे ट्रक में लोड किया जा रहा था। खाद्य विभाग को मिली सूचना पर टीम ने भवानी चाट भंडार के पीछे स्थित एक गोदाम में दबिश दी। जांच में करीब 186 क्विंटल पीडीएस चावल बरामद हुआ है। मौके पर मौजूद ट्रक क्रमांक कग 04 लक 9409 को भी जब्त कर सिटी कोतवाली पुलिस की सुपुर्दगी में देने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्राथमिक पूछताछ में गोदाम संचालक मोहम्मद जिलानी ने दावा किया कि वह हाट-बाजार और फुटकर खरीदी के जरिए चावल खरीदकर व्यापारियों को बेचता था। हालांकि खाद्य विभाग इस दावे की जांच कर रहा है और यह पता लगाया जा रहा है कि गरीबों के लिए आवंटित पीडीएस चावल आखिर बाजार तक कैसे पहुंचा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़े और संगठित अवैध नेटवर्क की ओर इशारा करती है।पिछले तीन दिनों में यह दूसरी बड़ी जब्ती है। इससे पहले बुधवार को एक पिकअप वाहन से 80 बोरी पीडीएस चावल जब्त किया गया था, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपये बताई गई थी। लगातार हो रही जब्तियां इस बात का संकेत है कि बस्तर में गरीबों के राशन की कालाबाजारी का खेल लंबे समय से संगठित तरीके से चल रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि इस नेटवर्क में केवल छोटे कारोबारी शामिल हैं या फिर इसकी जड़ें राशन वितरण व्यवस्था तक फैली हुई है। यदि जांच इस पूरी कड़ी तक नहीं पहुंची तो गरीबों के हिस्से का अनाज इसी तरह बाजार में बिकता रहेगा। खाद्य विभाग का कहना है कि पीडीएस खाद्यान्न की कालाबाजारी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान खाद्य निरीक्षक घनश्याम राठौर , सहायक खाद्य निरीक्षक दिव्या रानी, पायल वर्मा सहित विभाग की टीम मौजूद रही।

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version