राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, बिलासपुर: सोने-चांदी का हंडा मिलने का झांसा देकर छह लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को बेलगहना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को धर दबोचा । आरोपितों ने मुंगेली निवासी विष्णु बघेल को हंडा दिखाकर रकम देने के लिए राजी किया था।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से ठगी की रकम में से उपलब्ध राशि और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की है। प्रकरण में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। मुंगेली जिले के सेतगंगा थाना अंतर्गत गाड़ाघाट निवासी विष्णु बघेल ने 22 सितंबर बेलगहना चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उसने बताया कि 31 अगस्त की रात करीब 11 बजे कुछ लोगों ने उसे सोने-चांदी का हंडा दिखाया और इसके बदले छह लाख रुपये देने के लिए छलपूर्वक राजी कर लिया। रकम लेने के बाद आरोपित वहां से चले गए। रास्ते में कुछ पुलिसकर्मियों ने उनका रास्ता रोककर जांच के नाम पर घड़ा भी ले लिया।
रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देने के बाद आरोपितों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान 26 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली कि मामले से जुड़े कुछ लोग मुंगेली और कोटा क्षेत्र में छिपे हैं।
इसके बाद पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर छह लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपितों ने ठगी की रकम आपस में बांटने की बात स्वीकार की। उनके मेमोरेंडम कथन के आधार पर कुछ रकम बरामद की गई।
छह आरोपित गिरफ्तार, फरार की तलाश पुलिस ने मामले में किशन साहू उर्फ पसउ बैगा (35) निवासी फिरंगीपारा कोटा, संजय पनिक (58) निवासी तिलक वार्ड क्रमांक 17 मुंगेली, प्रताप श्रीवास (40) निवासी अमने कोटा, अजय हठिले (24) निवासी बस स्टैंड के पास कोटा, रामप्रकाश जायसवाल उर्फ छोटू (26) निवासी अमने कोटा और अभय बंजारे (21) निवासी पीपरतराई कोटा को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार गिरोह में शामिल अन्य आरोपित अभी फरार हैं। उनकी पहचान और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर लगातार पतासाजी की जा रही है। बताया जाता है कि मामले में मुंगेली जिले में पदस्थ एक पुलिसकर्मी भी शामिल है।
वह इस पूरे घटना का मास्टर माइंड है। इससे पहले भी उसके खिलाफ अधिकारियों को शिकायत मिल चुकी है। इसके बाद उसे थाने से हटा दिया गया है।
पीड़ित ने उसे मुंगेली कलेक्टोरेट के समाने पहचान लिया। तब ठगी की इस घटना का पर्दाफाश हुआ। पीड़ित ने पूरी जानकारी बेलगहना पुलिस को दी है।
इसके बाद भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसके बाद आरोप लग रहे हैं कि बेलगहना पुलिस आरोपित पुलिसकर्मी को बचाने का प्रयास कर रही है। वर्जन पीड़ित ने एक पुलिसकर्मी पर आरोप लगाए हैं।
मामले की जांच की जा रही है। आरोपित की भूमिका स्पष्ट होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नुपूर उपाध्याय एसडीओपी कोटा
