राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, बिलासपुरः महासमुंद के बाल संप्रेषण गृह से दुष्कर्म समेत विभिन्न मामलों में निरुद्ध आठ किशोरों के फरार होने की घटना को हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। मीडिया की खबर पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल के डिविजन बेंच ने मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया है। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा पेश कर फरार किशोरों की तलाश, संप्रेषण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने का निर्देश दिया है।

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