▶ ₹30 हजार न्यूनतम वेतन की मांग, फेडरेशन ने सौंपा विस्तृत ज्ञापन
राष्ट्रवाणी 01 मई 2026। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष राज्य के शासकीय, अर्धशासकीय, निगम-मंडल, शिक्षक और पेंशनभोगियों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत मांग-पत्र प्रस्तुत किया है।
न्यूनतम वेतन और फिटमेंट बढ़ाने की मांग
फेडरेशन ने न्यूनतम वेतन ₹30,000 से ₹32,500 प्रतिमाह निर्धारित करने और फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर कम से कम 3.68 करने की मांग की है। साथ ही वार्षिक वेतनवृद्धि 3% से बढ़ाकर 5% करने और 8-16-24-32 वर्ष पर समयमान वेतनमान देने का सुझाव दिया गया है।
महंगाई भत्ता और HRA में बदलाव प्रस्तावित
ज्ञापन में कहा गया है कि 50% से अधिक होने पर महंगाई भत्ता (DA) को मूल वेतन में स्वतः विलय किया जाए। वहीं HRA को X, Y, Z श्रेणी में क्रमशः 40%, 30% और 20% करने तथा रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई को X श्रेणी में शामिल करने की मांग रखी गई है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य भत्तों पर जोर
फेडरेशन ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, चिकित्सा भत्ता ₹3000 प्रतिमाह, संतान शिक्षा भत्ता ₹4500 प्रतिमाह और जोखिम भत्ता 20% करने की मांग की है। साथ ही यात्रा भत्ता बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया गया है।
पेंशनरों के लिए अहम मांगें
ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने, पेंशन को अंतिम वेतन का 50% + DA करने, पारिवारिक पेंशन 50% करने और ग्रेच्युटी सीमा ₹30 लाख तक बढ़ाने की मांग की गई है। वरिष्ठ पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन देने का भी सुझाव दिया गया है।
विशेष भत्ते और सुविधाओं की मांग
नक्सल प्रभावित और आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को 25% विशेष भत्ता, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण और शासकीय आवास सुविधा विस्तार की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है।
कार्य व्यवस्था और महिला कर्मचारियों पर फोकस
फेडरेशन ने 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव 1000 दिन करने और क्रेच सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। साथ ही समयबद्ध पदोन्नति के लिए कैडर रिव्यू की आवश्यकता बताई गई है।
डीए एरियर देने की मांग
फेडरेशन ने केंद्र के समान 2% महंगाई भत्ता एरियर सहित देय तिथि से भुगतान करने के निर्देश जारी करने की मांग भी की है।
फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने उम्मीद जताई है कि आठवां वेतन आयोग इन मांगों पर सकारात्मक विचार करेगा, जिससे कर्मचारियों को बेहतर जीवन स्तर और कार्य दक्षता में वृद्धि मिलेगी।
