न्यूयॉर्क/वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भारत की उन संस्थाओं और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाए हैं जो ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री में शामिल हैं. प्रशासन ने कहा कि इस व्यापार से मिलने वाली धनराशि तेहरान के क्षेत्रीय आतंकवादी समूहों को समर्थन देने और हथियार प्रणालियां खरीदने में उपयोग की जाती है, जो ”अमेरिका के लिए सीधा खतरा” हैं.
अमेरिका के विदेश और वित्त मंत्रालयों ने उन ‘शिपिंग नेटवर्क’ पर प्रतिबंध लगाए हैं जो ईरानी शासन की ”दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों” को अवैध तेल बिक्री के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं. साथ ही उन एयरलाइंस और उनसे जुड़ी कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं, जो ईरान सर्मिथत आतंकी संगठनों को हथियार और आपूर्ति भेजती हैं.
इस प्रतिबंध सूची में जिन भारतीय नागरिकों और कंपनियों को शामिल किया गया है उनमें जैर हुसैन इकबाल हुसैन सैय्यद, जु.ल्फिकार हुसैन रिजवी सैय्यद, महाराष्ट्र स्थित ‘आरएन शिप मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ और पुणे स्थित ‘टीआर6 पेट्रो इंडिया एलएलपी’ शामिल हैं.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह भारत, पनामा और सेशेल्स सहित कई देशों में स्थित कुल 17 संस्थाओं, व्यक्तियों और जहाज.ों को नामित कर रहा है जो ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री में शामिल हैं. इसके साथ ही वित्त विभाग 41 संस्थाओं, व्यक्तियों, जहाज.ों और विमानों को नामित कर रहा है ताकि ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर कार्रवाई को तेज किया जा सके और उन वित्तीय नेटवर्कों को बाधित किया जा सके जो ईरान की अवैध गतिविधियों को सहायता प्रदान करते हैं. विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस तेल व्यापार से उत्पन्न धनराशि का उपयोग ईरान सर्मिथत क्षेत्रीय आतंकवादी समूहों को सहायता देने और हथियार प्रणालियां खरीदने में किया जाता है, जो अमेरिकी बलों और सहयोगी देशों के लिए सीधा खतरा हैं.

