चार दिन की तेजी के बाद बाजार में गिरावट आई-लगातार चार दिन बढ़त के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। दिनभर बाजार मजबूत रहा, लेकिन आखिरी आधे घंटे में मुनाफावसूली ने बाज़ार का रुख बदल दिया। सेंसेक्स 104.35 अंक यानी 0.13% गिरकर 78,180.72 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 भी 31.65 अंक यानी 0.13% टूटकर 24,398.70 पर आ गया। इससे पहले दोनों इंडेक्स करीब 10 हफ्तों के उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
आईटी सेक्टर में रही जबरदस्त खरीदारी-आईटी सेक्टर ने बाजार में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2.4% की बढ़त दर्ज हुई। जुलाई में अब तक यह इंडेक्स 6.2% मजबूत हो चुका है। अमेरिका में ब्याज दरों के नरम रुख की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। अब सभी की नजर टीसीएस के जून तिमाही नतीजों पर है, जो पूरे सेक्टर की दिशा तय कर सकते हैं।
रिलायंस, बैंकिंग और ट्रेंट ने दबाव बढ़ाया-बाजार के बड़े शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज करीब 1.23% गिर गई, जबकि आईसीआईसीआई बैंक में 0.9% की कमजोरी रही। फैशन रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयर 12.4% तक लुढ़क गए क्योंकि जून तिमाही की आय उम्मीद से कम रही। वहीं टाइटन के शेयरों में 2.7% की तेजी आई, कंपनी के उपभोक्ता कारोबार में 41% सालाना वृद्धि के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
छोटे और मिडकैप शेयरों में भी कमजोरी दिखी-मंगलवार को मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव रहा। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.6% और मिडकैप इंडेक्स लगभग 0.3% गिरकर बंद हुए। कुल 16 सेक्टोरल इंडेक्स में से 12 लाल निशान में रहे। हालांकि विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कच्चे तेल की नरम कीमतें और बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद से बाजार को सहारा मिल सकता है।

