राष्ट्रवाणी 4 जून 2026। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को राज्य के विभिन्न ठिकानों पर सघन जांच अभियान चलाया। दिनभर चली कार्रवाई के बाद देर रात टीमों ने अपनी जांच पूरी की। ईडी ने इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण बताते हुए कई दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
जानकारी के अनुसार ईडी की अलग-अलग टीमों ने CGPSC के पूर्व सचिव जे.के. ध्रुव, पूर्व आईएएस अमृत खलखो, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक तथा सहायक परीक्षा नियंत्रक गणवीर से जुड़े भिलाई और रायपुर स्थित कुल नौ ठिकानों पर दबिश दी। जांच कार्रवाई सुबह शुरू हुई और रात करीब 9:30 बजे तक जारी रही।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी को पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के करीबी माने जाने वाले उत्कर्ष चंद्राकर के ठिकाने से 8 लाख रुपये नकद मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
ईडी सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए वर्ष 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन आयोग द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को शामिल किया है। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा पूर्व में की गई जांच से भी ईडी को महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिससे कार्रवाई में सहायता मिली। अब जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
गौरतलब है कि CGPSC भर्ती घोटाले की जांच पहले से ही विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है और मामले में कई अधिकारियों तथा अभ्यर्थियों की भूमिका की जांच चल रही है।

