🔴रायपुर, भिलाई और राजनांदगांव में कार्रवाई
राष्ट्रवाणी, 03 जून 2026। CGPSC भर्ती घोटाला प्रकरण में टीम पीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, जेके ध्रुव, पूर्व आईएएस अमित खालको और पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक व सहायक नियंत्रक ललित गनवीर के ठिकानों पर दबिश दी। जांच एजेंसी की टीम भिलाई के सेक्टर-10 स्थित रिटायर्ड आईएएस जेके ध्रुव के निवास तथा रायपुर स्थित आरती वासनिक के घर पहुंची।
वहीं राज्यपाल के पूर्व सचिव अमृत खलखो के भिलाई निवास पर भी जांच चल रही है। यहां डिप्टी कलेक्टर बने उनके बेटा-बेटी के चयन और संपत्ति और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
बताया गया कि टीम बुधवार को पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के धमतरी के पास गृह ग्राम सरबदा पहुंची, और जांच पड़ताल कर रही है। इसके अलावा राजनांदगांव के स्टेशन पारा स्थित ललित गनवीर के घर पर छापेमारी की। रायपुर में कटोरा तालाब स्थित आरती वासनिक और भिलाई में जेके धुव्र के निवास पर ईडी की कार्रवाई के दौरान परिसर के बाहर सुरक्षा बल के जवान भी तैनात रहे। सोनवानी, ध्रुव और वासनिक वर्तमान में जेल में हैं।
यह मामला राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 की चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि चयन प्रक्रिया में हेरफेर कर कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया तथा प्रश्नपत्र लीक किए गए।
सीबीआई की जांच में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्तेदारों और परिचितों को लाभ पहुंचाया। आरोप है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले कुछ लोगों तक पहुंचाए गए।
सीबीआई की जांच में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्तेदारों और परिचितों को लाभ पहुंचाया। आरोप है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले कुछ लोगों तक पहुंचाए गए।
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में परीक्षा प्रक्रिया में अंदरूनी मिलीभगत और पेपर लीक से जुड़े साक्ष्य होने का दावा किया है। राज्य सेवा परीक्षा-2021 में चयनित कई अभ्यर्थियों का संबंध अधिकारियों, नेताओं अथवा कारोबारी परिवारों से होने के आरोप लगे थे। इसके बाद चयन सूची को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और मामला सीबीआई जांच तक पहुंचा।
प्रकरण से जुड़े अधिकांश आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। चार अभ्यर्थियों को छोड़कर शेष चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जा चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। ईडी की कार्रवाई को मामले में चल रही जांच का हिस्सा माना जा रहा है।

