🔴सुशासन तिहार में अव्यवस्थित व्यवहार पड़ा भारी
राष्ट्रवाणी, दुर्ग, 1 जून 2026। सुशासन तिहार के दौरान जनसमस्या निवारण शिविर में अव्यवस्थित और अनुशासनहीन व्यवहार के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रुपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
दुर्ग संभाग के आयुक्त एस.एन. राठौर द्वारा जारी आदेश के अनुसार कलेक्टर दुर्ग के प्रतिवेदन और शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि ग्राम धनोरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान रुपेश कुमार पाण्डेय द्वारा अतिरिक्त जनपद पंचायत सीईओ के साथ अव्यवस्थित व्यवहार किया गया। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद 30 मई 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
संभाग आयुक्त ने अपने आदेश में कहा है कि उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है। नियमों के अनुसार प्रत्येक शासकीय सेवक को पूर्ण निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और अनुशासित आचरण बनाए रखना अनिवार्य है।
निलंबन अवधि में जिला पंचायत मुख्यालय रहेगा मुख्यालय
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत रुपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला पंचायत दुर्ग निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया
आदेश के अनुसार जिला पंचायत दुर्ग में पदस्थ प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी महेंद्र कुमार जांगड़े अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।
यह आदेश 1 जून 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार सुशासन तिहार के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच समन्वय तथा आचरण को लेकर शासन गंभीर है और हाल के दिनों में इस तरह की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया जा रहा है।


