राष्ट्रवाणी: Vijay Sharma-bhupesh Baghel LIVE | Photo Credit: एआई रायपुर: पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर आज छत्तीसगढ़ की सियासत में महा मुकाबला देखने को मिल रहा है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व सीएम भूपेश आज रायपुर प्रेस क्लब में डिबेट कर रहे हैं। दोनों ही नेताओं के बीच पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर LIVE डिबेट शुरू हो चुकी है।
दोनों ही नेता अपने-अपने दावों और आंकड़ों के साथ एक-दूसरे के सवालों का जवाब दे रहे हैं। विजय शर्मा vs भूपेश बघेल! प्रधानमंत्री आवास पर आज हो सकती है बड़ी बहस #VijaySharma | #BhupeshBaghel | #PressClub | प्रधानमंत्री Awas | Vijay Sharma | Bhupesh Baghel | @vijaysharmacg | @bhupeshbaghel | @INCChhattisgarh | @BJP4CGState — IBC24 News (@IBC24News) September 15, 2026 आपको बता दें कि पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर भूपेश बघेल ने डिप्टी सीएम विजय शर्मा को चुनौती दी थी।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने चैलेंज को स्वीकर करते हुए कहा था कि समय और स्थान तय कर लिया जाए, वे बहस के लिए तैयार हैं। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने चुनौती स्वीकार किए जाने के बाद कहा है कि, मैंने ही उनको चुनौती दी थी, उन्होंने 15 तारीख का समय दिया है वो तैयारी करें हम सब चर्चा करने आ जाएंगे।
अब देखने वाली बात होगी कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल और डिप्टी सीएम विजय शर्मा के बीच होगी खुली बहस? बता दें कि डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा था कि सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवास बनाने की फाइल पर हस्ताक्षर किया था। हमारी सरकार में 11 लाख आवास बनाकर पूरे कर लिए गए हैं।
मैं भूपेश बघेल को चुनौती देना चाहता हूं कि वो कहीं पर भी किसी मंच पर इस मामले में बहस कर सकते हैं। भूपेश बघेल ने विजय शर्मा की इसी चुनौती को अब स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि- समय और स्थान तय कर लिया जाए, वे बहस के लिए तैयार हैं।
बघेल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग जगह अलग आंकड़े दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में 18 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत होने की बात कही गई है, जबकि संसद में अलग आंकड़े बताए जाते हैं। भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में 11 लाख से ज्यादा आवास पहले ही बन चुके थे, इनमें पहले की सरकारों के कार्यकाल के आवास भी शामिल हैं।
हमारे कार्यकाल में करीब 7 लाख आवास स्वीकृत कराए गए थे। मौजूदा सरकार ने कितने आवास स्वीकृत किए और उनमें से कितने पूरे किए हैं, सरकार को यह स्पष्ट बताना चाहिए। एक तरफ हैं छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम, दूसरी तरफ मौजूदा डिप्टी सीएम।
अब देखना होगा कि पूरे मामले पर क्या वाकई दोनों कद्दावर नेता खुले मंच पर बहस करने के लिए साथ आएंगे या नहीं।

