राष्ट्रवाणी: यह लेख मेरठ के पास स्थित औद्योगिक और आवासीय सैटेलाइट टाउन मोदीपुरम के इतिहास पर प्रकाश डालता है, जिसे उद्योगपति …और पढ़ें मोदीपुरम मेरठ का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और आवासीय केंद्र गुजरमल मोदी ने मोदी रबर लिमिटेड की स्थापना की 1971 में मोदी रबर से हुआ क्षेत्र का शहरीकरण बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली।
अगर आप कभी दिल्ली से मेरठ की तरफ जाएं तो रास्ते में मोदीनगर पड़ता है, जो काफी फेमस है। मोदीनगर का इतिहास (Modinagar History) भी बहुत खास है। मोदीनगर को गुजरमल मोदी (Gujarmal Modi History) ने बसाया था।मोदीनगर की तरह दिल्ली से मेरठ जाते हुए एक और बहुत अहम सैटेलाइट टाउन पड़ता है, जिसका नाम है मोदीपुरम (Modipuram History)।
आज हम यहां मोदीपुरम का इतिहास जानेंगे। मोदीपुरम, उत्तर प्रदेश के मेरठ में NH-58 पर स्थित तेजी से बढ़ता हुआ एक औद्योगिक और रेसिडेंशियल सैटेलाइट टाउन है। यह रीजनल रैपिड ट्रांजिट और शहरी कनेक्टिविटी के लिए एक प्रमुख उत्तरी टर्मिनल हब के तौर पर पहचाना जाता है।
मोदीपुरम मेरठ से 29 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे 58 पर स्थित है। मोदीनगर की तरह मोदीपुरम इलाके का विकास मोदी ग्रुप के फाउंडर राय बहादुर गुजरमल मोदी की औद्योगिक विरासत पर आधारित है। उन्होंने इस पूरे क्षेत्र (जिसमें मोदीनगर भी शामिल है) में औद्योगिक और मॉडल टाउनशिप का विस्तार किया था।
1970 के दशक की शुरुआत में, कॉन्टिनेंटल वेस्ट जर्मनी के साथ तकनीकी सहयोग से मोदीपुरम में मोदी रबर लिमिटेड की स्थापना की गई थी। इसी औद्योगिक विस्तार के तहत मेरठ के उत्तरी छोर पर स्थित कृषि भूमि वाले इस क्षेत्र को चुना गया।साल 1971 में यहाँ मोदी रबर लिमिटेड की स्थापना की गई। इस विशाल टायर उद्योग (जो आगे चलकर ‘मोदी कॉन्टिनेंटल’ के नाम से भी जाना गया) के कारण ही इस पूरे क्षेत्र का नाम ‘मोदीपुरम’ पड़ा।
बाद में यह इलाका शांत खेती और एस्टेट वाली जमीन से बदलकर मेरठ का एक व्यवस्थित अर्बन टाउन बन गया, जिसमें रिहायशी कॉलोनियों और औद्योगिक इकाइयों के बीच ब्लॉक वाला लेआउट बरकरार रखा गया। 20वीं सदी के दूसरे हिस्से में मोदीपुरम मुख्य रूप से शांत कृषि बागानों, खेतों और छोटी रिहायशी कॉलोनियों का हिस्सा था।
मोदी रबर मिल के स्थापित होने के बाद यहाँ कामगारों और उनके परिवारों के रहने के लिए सुव्यवस्थित कॉलोनियां विकसित हुईं।इसके बाद यहाँ सुनियोजित तरीके से आवासीय क्षेत्रों (जैसे पल्लवपुरम) और नागरिक सुविधाओं का विस्तार होना शुरू हुआ। फरवरी 2026 में, मोदीपुरम RRTS स्टेशन और मेरठ मेट्रो लाइन के खुलने से इस इलाके में हाई-स्पीड ट्रांजिट का बड़ा एकीकरण हुआ।
9 अगस्त 1902 को जन्मे गुजरमल मोदी देश के एक प्रमुख उद्योगपति और समाजसेवी के तौर पर जाने जाते हैं। साल 1932 में उन्होंने अपने भाई केदारनाथ मोदी के साथ मिलकर ‘मोदी ग्रुप’ की नींव रखी और बेगमाबाद नामक जगह को एक औद्योगिक शहर के रूप में विकसित किया, जिसे आज हम मोदीनगर के नाम से जानते हैं।उनके सफर की शुरुआत मोदीनगर में एक चीनी मिल से हुई थी, और देखते ही देखते उनका यह कारोबार कई क्षेत्रों में फैलता चला गया।

