राष्ट्रवाणी: आज 29 अक्टूबर 2026 को करवा चौथ का पावन पर्व अपार श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इस वर्ष करवा चौथ की पूजा के लिए शाम 04:16 बजे से 05:35 बजे के बीच शुभ चौघड़िया मुहूर्त रहेगा, जो पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है. इसके साथ ही रात में चंद्र दर्शन और अर्घ्य के समय शाम 07:15 बजे से 08:52 बजे के बीच चर चौघड़िया मुहूर्त रहेगा. इस दौरान विधिवत पूजा करके व्रती महिलाएं अपना व्रत पूरा करेंगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार करवा चौथ के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष विधान है. चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है और उन्हें अर्घ्य समर्पित करने से जीवन में शीतलता, सुख और मानसिक शांति का आगमन होता है. व्रती महिलाएं छलनी के माध्यम से पहले चंद्रमा के दर्शन करती हैं और फिर अपने पति का चेहरा देखकर उनका आशीर्वाद लेती हैं. इस दौरान तांबे के लोटे से चंद्रमा को जल, दूध और अक्षत अर्पित किया जाता है. इसके पश्चात पति अपनी पत्नी को जल पिलाकर और मिष्ठान खिलाकर उनका निर्जला व्रत खुलवाते हैं. इस पावन अवसर पर राजस्थान के बाजारों और मंदिरों में भी विशेष रौनक देखने को मिल रही है, जहाँ महिलाएं पारंपरिक परिधानों और सोलह श्रृंगार में सज-धजकर पूजा की तैयारियों में जुटी हुई हैं.
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