राष्ट्रवाणी: जाह्नवी कपूर ने ‘कॉफी विद करण’ में ‘पेड्डी’ विवाद पर खुलकर बात की, जहां उन्होंने अभिनेत्रियों के रचनात्मक फैसलों पर अपनी राय रखी। जाह्नवी कपूर ने पेड्डी कंट्रोवर्सी पर बात की अभिनेत्रियों के रचनात्मक फैसलों पर दिया महत्वपूर्ण बयान उनके किरदार के चित्रण पर हुआ था बवाल एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली।
जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) हाल ही में करण जौहर (Karan Johar) के चैट शो ‘कॉफी विद करण’ (Koffee With Karan) सीजन 9 में वरुण धवन और अर्जुन कपूर के साथ नजर आईं। इस एपिसोड में उन्होंने अपनी लाइफ और फिल्म से जुड़े कई बड़े खुलासे किए। ‘कॉफी विद करण’ में जाह्नवी कपूर की बेबाक बातें जिम्मेदारी की भावना, आत्म-जागरूकता और इस बात को दर्शाती हैं कि अभिनेत्रियों को अपने रचनात्मक फैसलों (creative choices) के बारे में अपनी बात रखने का मौका मिलना कितना जरूरी है।
एक ऐसे इंडस्ट्री में जहां कलाकारों को अक्सर अपने रचनात्मक फैसलों का बचाव करना पड़ता है, वहां जाह्नवी कपूर ने ‘पेड्डी’ (Peddi) में अपने किरदार को लेकर हो रही चर्चा की। ‘कॉफी विद करण’ में उन्होंने न केवल अपनी आलोचनाओं का जवाब दिया, बल्कि इस बड़ी बहस पर भी बात की कि पर्दे पर महिलाओं को किस तरह दिखाया जाता है।
अपने किरदार को लेकर हो रही चर्चा पर बात करते हुए जाह्नवी ने कहा,’मुझे खुशी है कि ‘पेड्डी’में मेरे किरदार को लेकर इतनी बड़ी बहस हुई। शायद अगली बार जब कोई अभिनेत्री कहेगी कि वह असहज है, तो लोग उसे किसी अजीब प्राणी (alien) की तरह नहीं देखेंगे।’ उनका यह बयान इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके पीछे एक गहरा नजरिया है।
जाह्नवी सिर्फ अपनी आलोचनाओं का जवाब नहीं दे रही हैं, बल्कि वह फिल्म इंडस्ट्री के एक बड़े मुद्दे की ओर ध्यान दिला रही हैं जहां अगर कोई अभिनेत्री किसी रचनात्मक फैसले पर अपनी असुविधा जताती है, तो अक्सर उसकी बात सुनने के बजाय उसे ही ‘मुश्किल’ या ‘अड़ियल’ मान लिया जाता है। उनका बयान यह भी याद दिलाता है कि एक अभिनेत्री को अपनी चिंताएं जाहिर करने का हक होना चाहिए और ऐसा करने पर उसे गलत महसूस नहीं कराया जाना चाहिए।
जाह्नवी कपूर आने वाले समय में टाइगर श्रॉफ के साथ ‘लग जा गले’, अल्लू अर्जुन के साथ ‘राका’ और ‘देवरा: पार्ट 2’ में नजर आ सकती हैं।

