राष्ट्रवाणी: जागरण फिल्म फेस्टिवल के मुंबई संस्करण के दूसरे दिन TCET यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भाग लिया। इस दौरान कला, संस्कृति और मानवाधिकारों के महत्व पर जोर दिया गया। फेस्टिवल के दूसरे दिन कौन-कौन शामिल हुआ के छात्रों ने जागरण फिल्म फेस्टिवल में भाग लिया कला, संस्कृति के महत्व पर जोर दिया गया सिनेमा को सामाजिक जागरूकता का माध्यम बताया एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली।
सिनेमा की दुनिया से चर्चित फिल्म समारोह जागरण फिल्म फेस्टिवल का आगाज मुंबई में हो गया है। आज इसका दूसरा दिन है। जागरण फिल्म फेस्टिवल मुंबई एडिशन के लिए इस बार 500 से अधिक फिल्मों की प्रविष्टियों आई थीं।
जिसमें देश और विदेश के सिनेमा की शामिल रहीं। दूसरे दिन TCET डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी और छात्रों ने ‘जागरण फिल्म फेस्टिवल’ में हिस्सा लिया। इस दौरान छात्रों के बीच कला, संस्कृति और मानवाधिकारों के प्रति समझ और सम्मान विकसित करने के महत्व पर जोर दिया गया।
यह भागीदारी दर्शाती है कि सिनेमा सांस्कृतिक अभिव्यक्ति, सामाजिक जागरूकता और सार्थक संवाद के लिए एक सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर TCET डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. आर.आर. सेदमकर, ठाकुर स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट की डीन डॉ. शुचि गौतम, ठाकुर स्कूल ऑफ हायर एंड स्किल एजुकेशन की डीन डॉ. रेखा सिंह और ठाकुर स्कूल ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन्स के डीन डॉ. राजेश बनसोडे उपस्थित रहे।
‘सभी के लिए अच्छा सिनेमा’ (गुड सिनेमा फॉर एवरीवन) के अपने दर्शन के माध्यम से, जागरण फिल्म फेस्टिवल युवाओं को विभिन्न तरह की कहानियों से जुड़ने, कलात्मक अभिव्यक्ति को सराहने, सांस्कृतिक जागरूकता विकसित करने, और मानवाधिकारों तथा सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को समझने के लिए प्रोत्साहित करता है।
यह भागीदारी कला और सिनेमा को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसी के साथ ही ये छात्रों को संवेदनशील, जागरूक और सामाजिक रूप से सचेत नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करती है। फेस्टिवल के पहले दिन हमने इम्तियाज अली, जतिन सरना और प्रणय पचौरी जैसे कलाकारों का स्वागत किया।
आने वाले दिनों में सिनेमा जगत से जुड़े और भी बेहतरीन कलाकार और फिल्मों से जुड़ने का मौका मिलेगा।

