राष्ट्रवाणी: पुणे और नागपुर के लिए हवाई जहाज का विकल्प भी राहत नहीं दे रहा. क्योंकि जितना किराया इन दो शहरों के बीच में आ रहा है, उतने में कोई व्यक्ति दुबई जा सकता है. देर रात या सुबह-सुबह वाली उड़ानों का किराया करीब 12 हजार रुपये है. लेकिन सुविधाजनक समय वाली उड़ानों का एकतरफा किराया 19 हजार रुपये से ऊपर पहुंच गया है. त्योहार पर मची इस आपाधापी में निजी स्लीपर बस संचालक मौके का फायदा उठा रहे हैं. वे एक यात्री से 4 हजार से 7 हजार रुपये तक ले रहे हैं. यात्रियों ने बताया कि पिछले साल की दिवाली के मुकाबले किराया करीब 2 हजार रुपये बढ़ गया है. इससे यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. पुणे में काम करने वाले एक आईटी प्रोफेशनल ने बताया, “हर साल यही हालत होती है. सरकार जानती है कि दिवाली में किराए आसमान छूते हैं, तो अतिरिक्त बसें क्यों नहीं चलाती या एयरलाइन और निजी ऑपरेटरों के किराए पर नियंत्रण क्यों नहीं लगाती?
हम नियमित किराए से दोगुना देने को तैयार हैं, लेकिन तीन-चार गुना वसूलना बर्दाश्त के बाहर है.” उन्होंने सवाल किया कि छात्र, जो परिवार पर निर्भर होते हैं, इतनी महंगी यात्रा कैसे कर सकते हैं. सामान्य यात्रा के विकल्प महंगे होने के कारण कई कामकाजी लोग कारपूलिंग और शेयर कैब का सहारा ढूंढ रहे हैं. पुणे और मुंबई से विदर्भ जाने वाले यात्रियों के लिए समृद्धि एक्सप्रेसवे एक बड़ा सहारा बन गया है. हालांकि सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए हाईवे ट्रैफिक पुलिस और महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमएसआरडीसी) ने सुरक्षा के कई कदम उठाए हैं. गश्त बढ़ाई गई है, वाहनों की जांच हो रही है और अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है ताकि दुर्घटनाएं कम हों. QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें

