राष्ट्रवाणी (सरगुजा ब्यूरो): प्रतिनिधि, अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले वनांचल क्षेत्रों में जंगलों पर निर्भर रहने वाले ग्रामीणों का जीवन कठिनाइयों से भरा होता है। कई बार उन्हें अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ता है।
ताजा मामला जयनगर थाना क्षेत्र के लटोरी चौकी अंतर्गत ग्राम कल्याणपुर का है। जहां जंगल में ईंधन के लिए लकड़ी लेने गए 40 वर्षीय ग्रामीण पर मधुमक्खियों के झुंड ने आक्रमण कर दिया। मधुमक्खियों के सैकड़ों डंकों से बुरी तरह घायल ग्रामीण ने अस्पताल में इलाज के दौरान अंततः दम तोड़ दिया, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
मिली जानकारी के अनुसार मृतक रविदास अपनी एक साथी ग्रामीण महिला कमला के साथ दोपहर के वक्त लकड़ी इकट्ठा करने के उद्देश्य से स्थानीय जंगल में गया था। दोनों ग्रामीण जंगल से अपनी जरूरत की लकड़ियां चुन रहे थे, तभी अचानक वहां किसी पेड़ या चट्टान पर बने छत्ते से मधुमक्खियों का एक विशाल और आक्रामक झुंड उड़ गया और सीधा उन पर टूट पड़ा।
अचानक हुए इस जानलेवा हमले से घबराकर दोनों ने भागने का प्रयास किया। महिला तो किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रही, लेकिन रविदास को मधुमक्खियों ने बुरी तरह घेरकर डंक मारना शुरू कर दिया। मधुमक्खियों के शरीर पर दर्जनों डंक लगने के कारण रविदास की हालत गंभीर हो गई।
किसी तरह अपने घर पहुंचे घायल ग्रामीण की बिगड़ती स्थिति को देखकर स्वजन उसे तत्काल कल्याणपुर के अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के दौरान उसकी हालत में कोई सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर तुरंत अंबिकापुर पहुंचे जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका उपचार शुरू किया गया, लेकिन जहर फैलने और गंभीर संक्रमण के कारण तमाम मेडिकल प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकेगी और तड़के उसकी मौत हो गई।
मृतक रविदास अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था जो मजदूरी और वनोपज एकत्र कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी अचानक इस तरह हुई दर्दनाक मौत से उसके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीण इलाकों में वनों पर आश्रित रहने वाले लोगों के बीच इस तरह की घटनाएं सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करती हैं।
वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने भी वनांचल में जाने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा जंगलों में आवाजाही के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

