नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के दूसरे संस्करण में न केवल चिप विनिर्माताओं, बल्कि उनके उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भागीदारों को भी शामिल किया जाएगा.
वैष्णव ने सेमीकॉन इंडिया-2025 में संवाददाताओं से कहा कि प्रोत्साहनों का एक बड़ा हिस्सा उत्पाद विकास के लिए निर्धारित किया जाएगा.

उन्होंने कहा, ”देश में उत्पादन श्रृंखला के भागीदारों का आना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही स्थायी वृद्धि का रास्ता है.” मंत्री ने भारत सेमीकॉन कार्यक्रम के अगले संस्करण पर एक सवाल के जवाब में कहा, ”सभी क्षेत्रों को शामिल करने की जरूरत है. हम इसी नजरिये को आगे बढ़ाएंगे और उपकरण निर्माताओं, सामग्री निर्माताओं और अन्य सभी भागीदारों की भरपूर सहायता करेंगे.” भारत सेमीकंडक्टर मिशन के पहले संस्करण के तहत सरकार ने 76,000 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन को मंजूरी दी थी, जिसमें चिप उत्पादन के लिए 65,000 करोड़ रुपये, मोहाली में सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला के आधुनिकीकरण के लिए 10,000 करोड़ रुपये और डिजाइन से जुडी प्रोत्साहन योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये शामिल हैं.

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