पद्म भूषण सम्मान के बीच अलका याज्ञनिक की सेहत ने बढ़ाई चिंता, भावुक संदेश में बताया कैसी है उनकी रिकवरी-हाल ही में राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में जब मशहूर गायिका अलका याज्ञनिक नजर आईं, तो लाखों फैंस की निगाहें उन पर टिक गईं। लंबे समय बाद सार्वजनिक मंच पर दिखीं अलका को देखकर जहां खुशी हुई, वहीं उनकी शारीरिक हालत देखकर कई लोग भावुक भी हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो के बाद उनकी सेहत को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। इसके बाद खुद अलका ने फैंस के लिए एक भावुक संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने अपनी बीमारी, रिकवरी और संघर्ष के बारे में खुलकर बताया।

पद्म भूषण सम्मान के दौरान दिखीं कमजोर, फैंस हुए भावुक-राष्ट्रपति भवन में पद्म भूषण समारोह अलका के लिए खास था, क्योंकि यह उनके चार दशक से अधिक संगीत योगदान का सम्मान था। लेकिन समारोह में वे पहले जैसी ऊर्जावान नहीं दिखीं। वीडियो में साफ नजर आया कि उन्हें चलने में सहारा लेना पड़ रहा था। उनके चेहरे पर थकान और कमजोरी साफ झलक रही थी। यह देखकर वहां मौजूद कई लोग भावुक हो गए। सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होते ही फैंस ने चिंता जताई और उनकी जल्द स्वस्थ होने की दुआ की। इसके बावजूद लोगों ने उनकी हिम्मत की भी तारीफ की।

अलका याज्ञनिक ने फैंस के लिए लिखा दिल छू लेने वाला संदेश-फैंस की चिंता को देखते हुए अलका ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने सभी का धन्यवाद किया जिन्होंने उनके लिए दुआ की और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने बताया कि पिछले दो साल से वे सार्वजनिक जीवन से दूर थीं और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही थीं। फैंस के प्यार और समर्थन ने उन्हें ताकत दी। पद्म भूषण सम्मान को उन्होंने अपने सभी चाहने वालों को समर्पित किया। उनका यह संदेश फैंस के लिए बेहद प्रेरणादायक रहा।

“मैं धीरे-धीरे ठीक हो रही हूं”, अलका ने दिया हेल्थ अपडेट-अपने संदेश में अलका ने बताया कि वे धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं और स्वास्थ्य में सुधार महसूस कर रही हैं। पद्म भूषण समारोह में शामिल होना उनके लिए खास था, क्योंकि यह उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ फैंस के लिए भी खुशी का पल था। उन्होंने कहा कि अभी उनकी रिकवरी जारी है और वे सामान्य जीवन की ओर लौटने की कोशिश कर रही हैं। फैंस के प्यार और दुआओं के लिए उन्होंने दिल से धन्यवाद दिया। उनकी सकारात्मकता ने कई लोगों को प्रेरित किया है।

आखिर किस बीमारी से जूझ रही हैं अलका याज्ञनिक?-जून 2024 में अलका ने पहली बार अपनी बीमारी का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि एक हवाई यात्रा के बाद उनकी सुनने की क्षमता लगभग खत्म हो गई। जांच में पता चला कि वे एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल और श्रवण संबंधी बीमारी, सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस (SNHL) से पीड़ित हैं। यह बीमारी वायरल अटैक के कारण हुई। एक गायिका के लिए, जो ध्वनि पर निर्भर है, यह बहुत कठिन स्थिति है। इस खबर ने संगीत प्रेमियों को भी झकझोर दिया था।

क्या होती है Sensorineural Hearing Loss (SNHL) बीमारी?-सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस कान के अंदर की नसों या मस्तिष्क तक आवाज पहुंचाने वाली नसों को प्रभावित करती है। इससे सुनने की क्षमता कम हो जाती है या पूरी तरह खत्म हो सकती है। यह बीमारी सामान्य बातचीत के साथ-साथ ध्वनि की बारीकियों को समझने की क्षमता को भी प्रभावित करती है। पेशेवर गायकों के लिए यह चुनौतीपूर्ण होती है क्योंकि उनका करियर आवाज की स्पष्टता पर निर्भर करता है। डॉक्टरों ने अलका को तेज आवाज और शोर से दूर रहने की सलाह दी है और उनका इलाज चल रहा है।

डॉक्टरों की निगरानी में चल रही है रिकवरी-अलका मुंबई में डॉक्टरों की निगरानी में इलाज और थेरेपी करवा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बीमारी में इलाज के साथ जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी होता है। उन्हें तेज आवाज और भीड़-भाड़ वाले माहौल से दूर रहने को कहा गया है, इसलिए वे लंबे समय से लाइव कॉन्सर्ट और रिकॉर्डिंग से दूर हैं। रिकवरी की गति हर व्यक्ति में अलग होती है, कुछ जल्दी ठीक हो जाते हैं तो कुछ को समय लगता है। फिलहाल उनकी हालत में सुधार हो रहा है, जो फैंस के लिए राहत की बात है।

युवाओं को हेडफोन के इस्तेमाल को लेकर दी सलाह-अपनी बीमारी के बारे में खुलकर बात करते हुए अलका ने युवाओं को हेडफोन और ईयरफोन के अधिक इस्तेमाल से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तेज आवाज में संगीत सुनना सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है। आज के युवा घंटों तक तेज आवाज में संगीत सुनते हैं, जो कानों के लिए हानिकारक हो सकता है। अलका की यह सलाह उनके अनुभव पर आधारित है और युवाओं के लिए एक जरूरी स्वास्थ्य संदेश भी है।

चार दशक का शानदार करियर और 20 हजार से ज्यादा गाने-अलका याज्ञनिक ने चार दशक से अधिक समय में 20 हजार से ज्यादा गीत गाए हैं। 1990 और 2000 के दशक में उनकी आवाज बॉलीवुड की पहचान बन गई थी। उनकी मधुर आवाज ने हिंदी फिल्म संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी गायकी ने उन्हें देश-विदेश में लोकप्रिय बनाया। आज भी उनके गाने उतने ही पसंद किए जाते हैं जितने पहले थे।

सदाबहार गीतों ने बनाया संगीत की दुनिया की अमर आवाज़-अलका के कई गीत आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में हैं, जैसे “एक दो तीन”, “परदेसी परदेसी”, “टिप टिप बरसा पानी”, “कुछ कुछ होता है” और “अगर तुम साथ हो”। उन्होंने हर शैली के गीतों को अपनी आवाज़ से यादगार बनाया। उन्हें सात बार फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुका है। पद्म भूषण सम्मान ने उनके करियर में एक और चमकदार मुकाम जोड़ा है। करोड़ों लोग उनकी आवाज सुनना पसंद करते हैं और उनकी जल्द स्वस्थ होने की दुआ करते हैं।

 

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