न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन में कारखाने लगाने और भारत में लोगों को काम पर रखने के लिए अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों की आलोचना की और आगाह किया कि उनके राष्ट्रपति कार्यकाल में ऐसा करने के ”दिन अब लद चुके हैं.” ट्रंप ने यह टिप्पणी बुधवार को एआई शिखर सम्मेलन में की, जहां उन्होंने कृत्रिम मेधा (एआई) से संबंधित तीन कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए. इसमें एआई के उपयोग के लिए व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) की कार्य योजना भी शामिल है.
उन्होंने कहा कि बहुत लंबे समय तक अमेरिका का अधिकतर प्रौद्योगिकी उद्योग ”कट्टरपंथी वैश्वीकरण” का अनुसरण करता रहा, जिसके कारण लाखों अमेरिकी ”ठगा” महसूस करते रहे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ” हमारी कई बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने चीन में अपने कारखाने बनाकर, भारत में मजदूरों को नौकरी देकर और आयरलैंड में मुनाफे में कटौती करके अमेरिकी आजादी का फायदा उठाया है. इन सभी के बीच उन्होंने अपने ही देश में अपने साथी नागरिकों को बरगलाने और यहां तक कि उन पर ‘सेंसरशिप’ (नियंत्रित करने) लगाने का काम किया है. राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में, वे दिन अब लद गए हैं.”
ट्रंप ने कहा, ” एआई की दौड़ जीतने के लिए सिलिकॉन वैली और उससे भी आगे तक देशभक्ति और राष्ट्रीय निष्ठा की एक नई भावना की आवश्यकता होगी.” उन्होंने कहा, ” हमें अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों की जरूरत है जो अमेरिका के लिए पूरी तरह से सर्मिपत हों. हम चाहते हैं कि आप अमेरिका को प्राथमिकता दें. आपको ऐसा करना ही होगा. हम बस यही चाहते हैं.” ट्रंप ने इस मौके पर एआई से संबंधित तीन कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए. इसमें व्हाइट हाउस कार्ययोजना भी शामिल है, जो अमेरिकी एआई प्रौद्योगिकी ‘पैकेज’ के निर्यात को बढ़ावा देकर अमेरिकी एआई उद्योग को समर्थन देने के लिए एक समन्वित राष्ट्रीय प्रयास स्थापित करता है.
अदालत ने जन्म आधारित नागरिकता को समाप्त करने के ट्रंप के प्रयास को असंवैधानिक करार दिया
अमेरिका की एक संघीय अपील अदालत ने बुधवार को अपने एक फैसले में कहा कि जन्म आधारित नागरिकता को समाप्त करने संबंधी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आदेश असंवैधानिक है. अदालत ने साथ ही देशभर में ट्रंप के फैसले पर अमल पर रोक लगाने वाले अधीनस्थ अदालत के फैसले को बरकरार रखा. यह फैसला ‘9वीं अमेरिकी र्सिकट कोर्ट ऑफ अपील्स’ के तीन न्यायाधीशों के पैनल ने सुनाया, इससे पहले न्यू हैम्पशायर के एक संघीय जज ने ट्रंप के आदेश पर रोक लगाई थी.
अपील अदालत के फैसले से ट्रंप प्रशासन पर उस आदेश को लागू करने पर रोक रहेगी जो अवैध रूप से या अस्थायी रूप से अमेरिका में रहने वाले लोगों के बच्चों को नागरिकता देने से इनकार करता है. अदालत ने अपने आदेश में कहा, ”डि्ट्रिरक कोर्ट ने सही निष्कर्ष निकाला है कि शासकीय आदेश की प्रस्तावित व्याख्या, जो अमेरिका में जन्मे कई लोगों को नागरिकता से वंचित करती है असंवैधानिक है. हम इससे पूरी तरह सहमत हैं.” अदालत के फैसले पर फिलहाल ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एंव कार्यालय) और न्याय मंत्रालय ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है.
