वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मज जलडमरूमध्य के बाधित होने से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर चौतरफा दबाव पड़ रहा है। एक तरफ पश्चिम एशिया में अमेरिका और इस्राइल के ठिकानों पर ईरानी हमले जारी हैं। वहीं दूसरी तरफ ट्रंप घरेलू मोर्चे पर भी घिरते जा रहे हैं। अमेरिका का एक बड़ा तबका इस संघर्ष के खिलाफ है। हैरानी की बात ये है कि इस मुश्किल समय में भी ट्रंप को अपने सहयोगी नाटो देशों की मदद नहीं मिल पा रही है। यही वजह है कि ट्रंप ने सहयोगी देशों को चेतावनी दी है कि नाटो समूह का भविष्य अच्छा नहीं है।

ट्रंप की नाटो देशों को चेतावनी
एक इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नाटो के सहयोगी देशों को साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से फायदा लेने वाले देशों को इसकी सुरक्षा की भी जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

ट्रंप ने कहा, ‘यह बिल्कुल ठीक है कि होर्मुज से फायदा लेने वाले देश ये सुनिश्चित करें कि वहां कुछ भी गलत न हो।’ ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘अगर कोई कुछ नहीं करता या मदद नहीं करता तो मुझे लगता है कि यह नाटो के भविष्य के लिए बहुत बुरा होगा।’

ट्रंप ने कहा, ‘हमें यूक्रेन के मामले में उनकी मदद की जरूरत नहीं पड़ी। अब देखते हैं कि वे हमारी मदद करते हैं या नहीं, क्योंकि मैं लंबे समय से कहता आ रहा हूं कि हम उनके साथ खड़े रहेंगे, लेकिन वे हमारे साथ नहीं खड़े रहेंगे।’

पश्चिम एशिया में बुरे फंसे ट्रंप

गौरतलब है कि ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में बारूदी सुरंगों को साफ करने के लिए युद्धपोतों की तैनाती की मांग कर रहे हैं। हाल ही में भी मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा था ‘हम नाटो के लिए हमेशा तत्पर हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा देश होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने में हमारी मदद करेगा।’

पश्चिम एशिया संकट को लेकर अमेरिका फंसता नजर आ रहा है। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और कई अन्य शीर्ष नेताओं की मौत के बाद भी ईरान झुकने के लिए तैयार नहीं है और लगातार पश्चिम एशिया में अमरिकी ठिकानों और इस्राइल पर हमले कर रहा है। अमेरिका और इस्राइल की ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश भी सफल होती नहीं दिख रही है। ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित करने के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव पड़ा है। अमेरिकी तेल कंपनियों ने भी इसे लेकर चिंता जताई है और ट्रंप से अपील की है कि अगर जल्द ही कोई रास्ता नहीं निकला तो हालात बदतर हो सकते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने करीब सात देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने युद्धपोत तैनात करने की मांग की है। हालांकि, अमेरिका के करीबी सहयोगियों ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों ने तो इससे इनकार कर दिया है।



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