रायपुर. वन विभाग को वन्यजीव तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता मिली है. अंतर्राज्यीय पेंगोलिन तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक जीवित पेंगोलिन (सालखपरी) में बरामद किया गया है.

यह कार्रवाई वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण पांडेय, मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व रायपुर सतोविशा समाजदार तथा उपनिदेशक उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व गरियाबंद वरुण जैन के मार्गदर्शन में की गई. वाइल्ड लाइफ जस्टिस कमीशन इंडिया से प्राप्त सूचना के आधार पर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम और ओडिशा के नवरंगपुर वनमंडल की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया.

विगत 7 दिसंबर को उमरकोट के समीप ढोर्रा और सिमलीगोदरा के बीच घेराबंदी कर दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया. तलाशी के दौरान उनके पास से एक जीवित पेंगोलिन बरामद किया गया, जिसकी लंबाई लगभग 40 इंच और वजन 9 किलोग्राम है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोपाल (42 वर्ष, निवासी सिमलीगोदरा, ओडिशा) और मनोज (30 वर्ष, निवासी मलकीगुड़ा, ओडिशा) के रूप में हुई है. ओडिशा वन विभाग द्वारा पेंगोलिन तथा तस्करी में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल (स्कूटी) को जब्त कर जप्तीनामा तैयार किया गया. दोनों आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत वन अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है.

आरोपियों को उमरकोट न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है. साथ ही, इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है. इस सफल कार्रवाई में गरियाबंद पुलिस साइबर सेल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम, वाइल्ड लाइफ जस्टिस कमीशन इंडिया तथा नवरंगपुर (ओडिशा) वनमंडल के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

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