बेंगलुरू: अपने नाम पर होने वाले पहले एनसी क्लासिक भालाफेंक टूर्नामेंट में दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा खिताब के प्रबल दावेदार तो होंगे ही, साथ ही उनकी नजरें इस साल में दूसरी बार 90 मीटर की बाधा पार करने पर लगी होंगी।

27 वर्ष के नीरज इस खेल में लगभग सभी खिताब जीत चुके हैं जिनमें ओलंपिक, विश्व चैम्पियनशिप स्वर्ण पदक, डायमंड लीग फाइनल ट्रॉफी, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक शामिल हैं। नीरज चोपड़ा क्लासिक का पहला सत्र भारतीय प्रशंसकों को विश्व स्तरीय टूर्नामेंट देखने का मौका देने के मकसद से आयोजित किया गया है जिससे खेल की लोकप्रियता भी बढेगी।

चोपड़ा ने स्वीडन के पोल वॉल्टर अर्मांडो डुप्लांटिस और कीनिया के लंबी दूरी के धावक किपचोगे कीनो से प्रेरणा ली है जिनके नाम पर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट मोंडो क्लासिक और किप कीनो क्लासिक होते हैं। कांतीरावा स्टेडियम पर होने वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय प्रशंसकों को चोपड़ा को खेलते देखने का मौका मिलेगा। वह भी फिर से 90 मीटर से ऊपर का थ्रो फेंकना चाहेंगे जो उन्होंने मई में दोहा डायमंड लीग में फेंका था। चोपड़ा एक साल बाद भारत में खेल रहे हैं।

तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण और पेरिस में रजत पदक जीतने वाले हरियाणा के इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘भारत में इस तरह के टूर्नामेंट का आयोजन लंबे समय से मेरा सपना रहा है जो अब सच होने जा रहा है।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मैं बहुत रोमांचित हूं। मैने देश के लिये ओलंपिक और अन्य पदक जीते हैं लेकिन अब इस टूर्नामेंट के जरिये भारतीय एथलेटिक्स, एथलीटों और प्रशंसकों को कुछ लौटाने जा रहा हूं।’’

चोपड़ा ने जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स, भारतीय एथलेटिक्स महासंघ और विश्व एथलेटिक्स के साथ मिलकर इसका आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि एनसी क्लासिक हर साल होगा और उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में इसमें भालाफेंक के साथ और भी खेल जोड़े जायेंगे।

एनसी क्लासिक पहले 24 मई को हरियाणा के पंचकूला में होना था लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रसारकों की जरूरत के अनुसार लाइट की व्यवस्था नहीं होने से इसे बेंगलुरू में कराया जा रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

यह भारत में किसी एक खेल की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स स्पर्धा होगी जिसे विश्व एथलेटिक्स ने ए कैटेगरी का दर्जा दिया है। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स समेत कुछ अहम खिलाड़ियों के नाम वापिस लेने से इसकी रौनक जरूर कम हुई है लेकिन चोपड़ा के कारण दर्शकों के बीच इसे लेकर काफी रोमांच है।

बारह खिलाड़ियों में से पांच ऐसे हैं जो इस साल के आखिर में तोक्यो में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप का क्वालीफाइंग मार्क हासिल कर चुके हैं। जर्मनी के जूलियन वेबर और पीटर्स के नाम वापिस लेने के बाद चोपड़ा सबसे प्रबल दावेदार हैं।

वेबर ने उन्हें दो बार हराया लेकिन पेरिस डायमंड लीग में उन्होंने वेबर को मात दी। पाकिस्तान के अरशद नदीम को इसमें न्यौता दिया गया था लेकिन वह अपने व्यस्त अभ्यास सत्र के कारण नहीं खेल रहे हैं। भारतीयों में सचिन यादव एशियाई चैम्पियनशिप में रजत पदक जीत चुके हैं। किशोर जेना की जगह खेल रहे यशवीर ंिसह एशियाई चैम्पियनशिप में पांचवें स्थान पर रहे थे। रोहित यादव यूजीन में 2023 विश्व चैम्पियनशिप में भाग ले चुके हैं जबकि साहिल सिलवाल भी भारत की चुनौती पेश करेंगे।

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version