मुजफ्फरनगर/देहरादून. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में 53 वर्षीय एक व्यक्ति की हत्या के प्रयास और उसका खतना करके धर्म परिवर्तन करने तथा उसकी लाखों रुपये की कृषि भूमि हड़पने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि आरोपी यामीन, उसके भाई गुलजार, बहनोई इकराम, हाफिज शाहनवाज और नाई खुर्शीद को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने बताया कि मामले के संबंध में एक आरोपी के नाबालिग रिश्तेदार को भी हिरासत में लिया गया है.
एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने कथित तौर पर पीड़ित के पैसे से खरीदी गई एक कार और एक ट्रैक्टर बरामद किया है. पीड़ित नरेंद्र कुमार शर्मा (53) द्वारा बुधवार को दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यामीन और उसके साथियों ने कथित तौर पर उसका जबरन खतना करके उसका धर्म परिवर्तन कराने की साजिश रची.
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर उसकी कृषि भूमि और लाखों रुपये मूल्य का एक प्लॉट भी आरोपियों के रिश्तेदारों के नाम स्थानांतरित कर हड़प लिया. एसएसपी ने कहा कि इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है.
उत्तराखंड : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बच्चे के यौन शोषण मामले में रिपोर्ट तलब की
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने हाल ही में रुड़की के निकट झबरेड़ा क्षेत्र में एक मस्जिद के इमाम द्वारा सात वर्षीय लड़के के कथित यौन शोषण पर मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लेते हुए हरिद्वार जिला अधिकारियों को नोटिस जारी कर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
लड़का मस्जिद में इमाम से ट्यूशन लेने गया था, जहां इमाम उसे जबरन एक कमरे में ले गया और उसके साथ घिनौना कृत्य किया. यह घटना 21 अगस्त को हुई थी. इमाम ने बच्चे को यह बात किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी. हालांकि, घर पहुंचने पर बच्चे ने अपने परिवार को अपनी आपबीती सुनाई.
इस घटना को मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला बताते हुए एनएचआरसी ने हरिद्वार के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. हरिद्वार के एसपी (ग्रामीण) एस सी सुयाल ने कहा कि घटना के एक दिन बाद उसके पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर इमाम पर यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351-2 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि इमाम को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.