राष्ट्रवाणी: How To Tuck Bedsheets Without Wrinkles Easily: घर में बिस्तर कितना भी अच्छा क्यों न हो, अगर चादर ढंग से बिछी न हो तो पूरा कमरा बिखरा हुआ लगता है. वहीं होटल के कमरे में जाते ही सबसे पहले नजर जिस चीज पर पड़ती है, वह अक्सर सलीके से लगा हुआ बेड होता है. चादर पर एक भी सिलवट नहीं, तकिए बिल्कुल सही जगह पर और ऊपर से करीने से रखा कंफर्टर. यही छोटी-छोटी चीजें साधारण बेड को भी होटल जैसा लुक दे देती हैं. अच्छी बात यह है कि इसके लिए हर बार नया बेड या महंगी चीजें खरीदने की जरूरत नहीं है. चादर बिछाने और बेड सेट करने का तरीका थोड़ा बदलकर आप घर के बेड को भी साफ-सुथरा और होटल जैसा लुक दे सकते हैं. बस कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. होटल जैसा बेड बनाने की शुरुआत चादर बिछाने से नहीं, बल्कि सफाई से होती है. चादर बदलने से पहले बेड, कमरे और आसपास की जगह को अच्छी तरह साफ करें. चादर, तकिए और कंफर्टर की सफाई भी नियमित रूप से करते रहें. मैट्रेस और तकिए पर धूल जमा होती रहती है, इसलिए इनकी भी समय-समय पर सफाई जरूरी है. सिर्फ ऊपर से चादर बदल देने से बेड पूरी तरह साफ नहीं माना जा सकता. होटल जैसा फ्रेश एहसास चाहिए तो बेड की बेसिक सफाई पर ध्यान देना जरूरी है. अब सबसे जरूरी स्टेप आता है चादर बिछाने का. सबसे पहले नीचे वाली चादर को मैट्रेस पर इस तरह फैलाएं कि वह चारों तरफ बराबर रहे. चादर को हाथ से अच्छी तरह खींचकर उसकी सिलवटें निकाल दें. इसके बाद चादर के कोनों को मैट्रेस के नीचे अच्छी तरह दबाएं. चादर जितनी टाइट और सीधी होगी, बेड उतना ही सलीके वाला नजर आएगा. खासकर बेड के पैरों की तरफ चादर का एक्स्ट्रा हिस्सा अंदर की तरफ अच्छी तरह टक करें. यही तरीका बेड को वह क्रिस्प और साफ लुक देता है जो होटल के कमरे में नजर आता है. होटल जैसा बेड सिर्फ चादर सही तरीके से बिछाने से नहीं बनता. इसे रोज मेंटेन करना भी जरूरी है. सुबह उठने के बाद चादर को एक बार हाथ से सीधा करें, कोनों को ठीक करें और जहां सिलवटें हैं उन्हें निकाल दें. अगर चादर कहीं से बाहर निकल आई है तो उसे दोबारा मैट्रेस के नीचे टक कर दें. इसमें ज्यादा समय नहीं लगता, लेकिन बेड का पूरा लुक बदल जाता है. बेड की खूबसूरती में तकियों की भी बड़ी भूमिका होती है. दो या चार सामान्य स्लीपिंग पिलो को हेडबोर्ड के पास सीधा लगाएं. इसके बाद चाहें तो सामने एक-दो डेकोरेटिव पिलो रख सकते हैं. तकियों को रखने के बाद उन्हें अच्छी तरह फ्लफ करें और कवर पर पड़ी सिलवटें हाथ से ठीक कर दें. कोशिश करें कि दोनों तरफ की व्यवस्था लगभग एक जैसी दिखे. इससे बेड ज्यादा व्यवस्थित नजर आता है. अगर मैट्रेस पुराना हो चुका है और जगह-जगह से दब गया है, तो सिर्फ नई चादर बिछाने से होटल जैसा आराम नहीं मिलेगा. सोर्स के मुताबिक मैट्रेस की औसत उम्र करीब 7 से 10 साल बताई गई है. अगर आपका मैट्रेस काफी पुराना है और उसमें टूट-फूट या ज्यादा दबने के निशान दिखाई दे रहे हैं, तो इसे बदलने पर विचार किया जा सकता है. अगर मैट्रेस ठीक है लेकिन आप उसे थोड़ा ज्यादा सॉफ्ट और कंफर्टेबल बनाना चाहते हैं, तो मैट्रेस पैड का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसे मैट्रेस और फिटेड शीट के बीच रखा जाता है और यह अतिरिक्त कुशनिंग देता है. बेड पर रखा कंफर्टर भी पूरे लुक को बदल सकता है. इसे बेड पर बराबर फैलाएं और कोशिश करें कि दोनों तरफ उसका हिस्सा एक जैसा नजर आए. अगर कंफर्टर जगह-जगह से सिकुड़ा हुआ है तो उसे पहले अच्छी तरह फैला लें. डुवेट कवर का इस्तेमाल करने से कंफर्टर को साफ रखना भी आसान हो जाता है. कवर को निकालकर धोया जा सकता है, जिससे बेड हमेशा फ्रेश बना रहता है. होटल में सफेद बेडिंग का इस्तेमाल भी आम है, क्योंकि इससे बेड साफ और फ्रेश नजर आता है. होटल के कमरे में जाते ही अच्छी खुशबू महसूस होने का एक कारण वहां का फ्रेगरेंस भी होता है. घर में भी बेड सेट करने के बाद हल्के लिनन स्प्रे या कमरे में डिफ्यूजर का इस्तेमाल किया जा सकता है. लैवेंडर या कैमोमाइल जैसी हल्की खुशबू बेडरूम में शांत माहौल बनाने में मदद कर सकती है. हालांकि, खुशबू बहुत तेज रखने के बजाय हल्की रखना बेहतर है. बेड पर स्प्रे इस्तेमाल करते समय प्रोडक्ट के निर्देश जरूर देखें. होटल जैसा बेड बनाए रखने के लिए रोज की छोटी सफाई के साथ नियमित डीप क्लीनिंग भी जरूरी है. बेडशीट और दूसरे लिनन को नियमित रूप से धोएं. मैट्रेस को कम से कम महीने में एक बार वैक्यूम करने से धूल और एलर्जेंस हटाने में मदद मिल सकती है. तकियों को भी समय-समय पर पलटते रहें, ताकि उनका आकार और कंफर्ट बना रहे. अगर आपके मैट्रेस को रोटेट करना संभव है, तो मौसम के हिसाब से उसकी पोजीशन बदलने पर भी विचार किया जा सकता है. सोनम एबीपी लाइव में कंटेंट राइटर हैं. यहां वह लाइफस्टाइल कैटिगरी और इसके अंतर्गत आने वाली सब-कैटिगरीज हेल्थ, होम टिप्स, रिलेशनशिप, ट्रैवल, पैरेंटिंग, ब्यूटी और फैशन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. सोनम करीब 15 साल से लेखन की दुनिया में कार्यरत हैं. इससे पहले वह , के आईनेक्स्ट में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. इन सभी जगहों पर उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. सोनम ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन किया है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
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