हैदराबाद: तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) विधायक टी हरीश राव कालेश्वरम परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे न्यायिक आयोग के समक्ष सोमवार को पेश हुए और उन्होंने इसे जलस्रोत में परिवर्तन करने के कारणों और परियोजना के अन्य पहलुओं के बारे में जानकारी दी।

पिछली बीआरएस सरकार में ंिसचाई मंत्री रहे राव ने इस परियोजना के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
न्यायिक आयोग द्वारा पूछताछ के बाद पत्रकारों से बातचीत में बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव के भतीजे हरीश राव ने कहा कि गोदावरी नदी में जलस्रोत को तुम्मिडीहेट्टी से मेदिगड्डा स्थानांतरित करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

बीआरएस विधायक ने कहा कि उन्होंने न्यायिक आयोग को विस्तृत जवाब दिया है, जिसकी अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश पी सी घोष कर रहे हैं। पिछली बीआरएस सरकार, शुरूआत में मूल योजना के अनुसार तुम्मिडीहेट्टी में बैराज का निर्माण करना चाहती थी। उन्होंने बताया कि पड़ोसी महाराष्ट्र सरकार तुम्मिडीहेट्टी में जलस्रोत का पता लगाने के लिए सहमत नहीं थी।

उन्होंने कहा कि हालांकि, तत्कालीन मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने 2015 में महाराष्ट्र के समकक्ष देवेंद्र फड़णवीस से इस अनुरोध के साथ मुलाकात की थी, लेकिन पड़ोसी राज्य सहमत नहीं हुआ। हरीश राव ने दावा किया कि केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने बताया कि तुम्मिडीहेट्टी में पानी की उपलब्धता अपर्याप्त है।

तुम्मिडीहेट्टी पर महाराष्ट्र के विरोध और अपर्याप्त जल उपलब्धता को देखते हुए, बीआरएस सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम वाप्कोस से विकल्प सुझाने को कहा था, जिसने मेदिगड्डा में एक बैराज के निर्माण की सिफारिश की थी।

राव ने बताया कि उन्होंने आयोग को सीडब्ल्यूसी और वाप्कोस की रिपोर्ट और कैबिनेट के फैसलों सहित दस्तावेजी साक्ष्य सौंपे हैं। भाजपा के लोकसभा सदस्य ईताला राजेंद्र छह जून को न्यायिक आयोग के समक्ष पेश हुए। राजेंद्र भी बीआरएस सरकार में वित्त मंत्री थे।

राज्य में 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान, कालेश्वरम परियोजना के बैराजों को होने वाली क्षति एक प्रमुख मुद्दा बन गया। तेलंगाना के ंिसचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने हाल ही में घोषणा की कि राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित कालेश्वरम परियोजना को ‘‘संभवत?’’ देश की सबसे बड़ी मानव निर्मित आपदा करार दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर के 11 जून को आयोग के समक्ष पेश होने की संभावना है।

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