बीजापुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षाकर्मियों की सहायता करने वाले 48 वर्षीय एक व्यक्ति ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) शिविर में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेखापल्ली गांव निवासी माडवी भीमा का शव शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे तर्रेम थाना क्षेत्र के वाटेवागु सीआरपीएफ शिविर में खड़े एक ट्रक के पिछले हिस्से में फंदे से लटका मिला.

बीजापुर पुलिस के एक बयान में कहा गया, ‘‘प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की हिंसक गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा बल क्षेत्र में निरंतर तलाश अभियान चला रहे थे. इसी प्रयास के तहत, कुछ दिन पहले सुरक्षार्किमयों ने रेखापल्ली गांव के पास स्थित वाटेवागु शिविर से नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था.’’ इसमें कहा गया, ‘‘अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने कई ग्रामीणों से बात की और क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई. भीमा और अन्य ग्रामीणों के साथ सुरक्षा बलों ने रेखापल्ली, धामारम, कोंडापल्ली और ंिचतावागु नदी तट और आसपास के इलाकों में तलाश अभियान जारी रखा.’’

बयान में कहा गया कि बाद में सुरक्षा बलों ने जंगलों से नक्सलियों द्वारा लगाए गए संर्विधत विस्फोटक उपकरण, विस्फोटक सामग्री और अन्य सामान बरामद किए. इसके बाद गश्ती दल शनिवार को भीमा और जब्त सामान के साथ वापस वाटेवागू शिविर लौट आया.
इसमें कहा गया, ‘‘रात के खाने के बाद भीमा खुले मैदान में टहलने गया. रात करीब साढ़े आठ बजे ड्यूटी पर तैनात र्किमयों ने उसे गमछे से बने फंदो से लटका पाया. उसे तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन मेडिकल जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया.’’

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