श्रीनगर. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कश्मीर में लोगों को बंदूक के बल पर राष्ट्रगान के लिए खड़े होने को मजबूर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान के दौरान लोगों का खड़ा न होना सरकार की विफलता है.
महबूबा ने यहां बघाट इलाके में एक खेल मैदान के दौरे के दौरान संवाददाताओं से कहा, ”यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा ने ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है जहां वह लोगों को बंदूक के बल पर राष्ट्रगान में खड़े होने के लिए मजबूर कर रही है. मुझे अपने छात्र जीवन की याद आती है जब भी राष्ट्रगान होता था हम उसके सम्मान में खड़े होते थे . तब कोई जबरदस्ती नहीं की जाती थी. यह उनकी विफलता है.” टीआरसी फुटबॉल मैदान में मंगलवार शाम राष्ट्रगान के दौरान बैठे रहे कई युवाओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया और महबूबा मुफ्ती इसी के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थीं.
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा ने बघाट-ए-बरजुल्ला स्थित एक निजी स्कूल – ‘मुस्लिम एजुकेशनल ट्रस्ट’ (एमईटी) के खेल के मैदान का दौरा किया. ऐसी खबरें थीं कि पुलिस इस मैदान का उपयोग शहीद स्मारक बनाने के लिए करने की योजना बना रही है.
उन्होंने कहा, ”मैं डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) से इस मामले में हस्तक्षेप करने और एमईटी स्कूल के मैदान को छोड़ने की अपील करती हूं ताकि युवा और स्थानीय लोग खेल तथा विवाह जैसी अन्य सामुदायिक गतिविधियों के लिए सार्वजनिक स्थान का उपयोग जारी रख सकें. अगर यह मैदान भी छीन लिया गया तो युवा भटक सकते हैं और नशे या अन्य अवांछित गतिविधियों का शिकार हो सकते हैं.”
महबूबा ने शहर के चट्टाबल क्षेत्र में एक डेयरी फार्म ग्राउंड का भी दौरा किया जहां उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की.
स्थानीय लोगों की मांग है कि इस डेयरी फार्म ग्राउंड को उनके लिए खुले रहने दिया जाए क्योंकि उनके पास यह मैदान एकमात्र खेल मैदान है. महबूबा मुफ्ती ने कहा, ”इस जगह का इस्तेमाल कई दशकों से खेल गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने ‘मन की बात’ में पुलवामा में रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता की सराहना की थी. मैं सेना के कोर कमांडर से अपील करती हूं कि कृपया वह यह सुनिश्चित करें कि इस क्षेत्र के युवा इस खेल मैदान से वंचित न रहें.”
