कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ‘बंगाली अस्मिता’ (गौरव) के मुद्दे को तेज करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को भाजपा पर बंगालियों के खिलाफ “भाषायी आतंकवाद” फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहचान और भाषा की लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक राज्य और केंद्र—दोनों जगह भाजपा को पराजित नहीं कर दिया जाता।

ममता बनर्जी ने कहा कि यदि भाषाई भेदभाव बंद नहीं हुआ, तो प्रतिरोध आंदोलन दिल्ली तक पहुंच जाएगा।
कोलकाता में तृणमूल कांग्रस की शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने 2026 के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने और अंतत? भाजपा को केंद्र की सत्ता से बाहर करने का आह्वान किया।

ममता बनर्जी ने मध्य कोलकाता में आयोजित एक विशाल रैली में गरजते हुए कहा, ह्लबांग्ला भाषा पर भाजपा के आतंकवाद के खिलाफ एक भाषा आंदोलन होगा। बंगालियों पर हमलों के विरोध में 27 जुलाई से पश्चिम बंगाल में भाषा आंदोलन शुरू होगा।’’

उन्होंने कहा, “हमें 2026 के विधानसभा चुनावों में और अधिक सीटें जीतनी हैं और फिर भाजपा को हराने के लिए दिल्ली कूच करना है।” बनर्जी के तीखे भाषण में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) नोटिस से लेकर भाजपा शासित राज्यों में बंगालियों को निशाना बनाए जाने जैसे कई गंभीर मुद्दे शामिल रहे।

उन्होंने आरोप लगाया कि बंगालियों को हिरासत शिविरों में रखा जा रहा है और उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया, “2019 में उन्होंने ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी थी। अब उन्होंने मतदाता सूची से बंगालियों के नाम हटाने के लिए अधिसूचना जारी की है। भाजपा शासित राज्यों में बंगालियों को परेशान किया जा रहा है और उन्हें हिरासत शिविरों में रखा जा रहा है।”

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, “वह अपना राज्य नहीं संभाल सकते, लेकिन पश्चिम बंगाल के मामलों में दखल दे रहे हैं। मैं सुष्मिता देव से असम में एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन करने का आग्रह करती हूं। हम सब इसमें शामिल होंगे।”

बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अन्य राज्यों से आए लगभग 1.5 करोड़ प्रवासी रहते हैं, लेकिन उन्हें कभी भी उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा, “हम पूरे भारत से लोगों का स्वागत करते हैं, लेकिन देखिए भाजपा बंगालियों के साथ क्या कर रही है।”

बनर्जी ने पूछा कि असम सरकार को बंगाल के निवासियों को एनआरसी नोटिस भेजने का अधिकार किसने दिया।
बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर भी तीखा हमला बोला और उस पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “भाजपा और निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल के खिलाफ साजिश कर रहे हैं। वे पश्चिम बंगाल में वही करना चाहते हैं, जो उन्होंने बिहार में निर्वाचन आयोग के माध्यम से किया था। अगर वे यहां भी यही कोशिश करेंगे, तो हम उनका घेराव करेंगे। हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे।”

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