मॉस्को. रूस ने सोमवार को कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और वह उन स्रोतों से तेल खरीदने के लिए आजाद है, जिन्हें वह लाभकारी मानता है. इसके साथ ही रूस सरकार ने पूरा भरोसा जताया कि भारत अपने आर्थिक हित सुनिश्चित करने की नीति पर कायम रहेगा.
अमेरिका ने रूस से तेल एवं पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद जारी रखने के लिए भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया है. अगस्त के अंत में भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के आयात पर कुल अमेरिकी शुल्क बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया.

रूसी शासन मुख्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, ”भारत, एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में विदेशी व्यापार करता है और ऊर्जा संसाधन वहीं से खरीदेगा है, जहां से उसे लाभ मिलेगा.” वह पिछले शुक्रवार को नयी दिल्ली में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हुई शिखर वार्ता के संदर्भ में संवाददाताओं से बात कर रहे थे.

ऐसी रिपोर्ट हैं कि भारत पश्चिमी दबाव के चलते अपने तेल आयात में रूसी कच्चे तेल की हिस्सेदारी धीरे-धीरे घटा रहा है. क्रेमलिन के आर्थिक सहयोगी मक्सिम ओरेश्किन ने कहा, ”प्रतिबंधों को दरकिनार करने का रूस के पास लंबा अनुभव है. यदि भारत तैयार है, तो हम कच्चे तेल की आपूर्ति जारी रखने का रास्ता खोज लेंगे.”

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