केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने आज शुक्रवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच व्यापार समझौते (FTA) को जल्द पूरा करने के लिए दोनों पक्षों को ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यापारिक अड़चनों को हटाना बेहद जरूरी है ताकि बातचीत तेजी से आगे बढ़ सके। गोयल ने यह बात ‘इटली-भारत बिजनेस, साइंस एंड टेक्नोलॉजी फोरम’ में कही। उन्होंने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच करीब 15 अरब डॉलर का व्यापार होता है, लेकिन इसमें और वृद्धि की और अधिक संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच FTA को जल्द पूरा करने के लिए अब ठोस और स्पष्ट कदमों की जरूरत है। इसके लिए सभी सदस्य देशों को सहयोग की भावना से काम करना होगा और यह समझना होगा कि कौन-कौन सी रुकावटें इस समझौते को रोक रही हैं।” गोयल ने यह भी कहा कि भारत और इटली के बीच निवेश को बढ़ाना जरूरी है और दोनों देशों के कारोबारियों को बिना किसी अड़चन के व्यापार करने का अवसर मिलना चाहिए।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले महीने प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन के बीच दिल्ली में मुलाकात हुई थी। दोनों नेताओं ने इस साल के अंत तक FTA को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रयास तेज करने का फैसला लिया था।

गौरतलब है कि अमेरिका के ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत संभावित टैरिफ बढ़ोतरी की वजह से दुनिया में व्यापार को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे में भारत और EU के बीच मजबूत समझौता व्यापार स्थिरता ला सकता है।

वहीं पीएम मोदी और वॉन डेर लेयन ने अपने-अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे एक संतुलित, महत्वाकांक्षी और दोनों पक्षों के लिए लाभकारी समझौते पर काम करें। इसके अलावा निवेश संरक्षण और भौगोलिक संकेत (GI) समझौते को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ रही है। बता दें कि यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। वर्ष 2023 में दोनों के बीच £124 अरब (करीब 12.2% भारत के कुल व्यापार का हिस्सा) का व्यापार हुआ था।-(With Input IANS)

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