जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एकदंत दयावंत, चार भुजा धारी। माथे सिंदूर सोहे, मूस की सवारी॥

पान चढ़े, फूल चढ़े, और चढ़े मेवा। लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया। बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥

‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल किए सेवा। जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा॥

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा। जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा॥

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संपादक : नीरज दीवान

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