भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में जो घुटने टेके हैं, उसने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के भरोसे का बेरहमी से कत्ल कर दिया है। पिछले 24 घंटों में भारतीय क्रिकेट फैंस का गुस्सा सोशल मीडिया पर इस कदर फूट रहा है कि मानो टीम इंडिया ने अपनी इज्जत को नीलाम कर दिया हो। हेड कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में इंग्लैंड दौरे पर गई युवा ब्रिगेड ने 4-0 से टी20 सीरीज गंवाकर भारतीय क्रिकेट के इतिहास पर एक ऐसा बदनुमा दाग लगा दिया है, जिसे मिटाना आसान नहीं होगा।

सीरीज के आखिरी मुकाबले में भी शर्मनाक बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने बच्चों जैसी गलतियां कीं। इंग्लैंड के गेंदबाजों के आगे टीम इंडिया का एक भी सूरमा क्रीज पर टिकने का हौसला नहीं दिखा सका। सवाल यह उठता है कि क्या घरेलू मैदानों और आईपीएल के फ्लैट पिचों पर चौके-छक्के उड़ाने वाले ये ‘करोड़पति खिलाड़ी’ केवल भारत में ही शेर हैं और विदेशी पिचों पर कदम रखते ही इनके पैर कांपने लगते हैं?
इस बेहद घटिया प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और चयनकर्ताओं की दूरदर्शिता पर भी गंभीर उंगलियां उठ रही हैं।

पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने पिछले 24 घंटों में कोच गौतम गंभीर का बचाव करने की कोशिश जरूर की है और कहा है कि मुख्य खिलाड़ियों की अनुपस्थिति के कारण टीम हारी। लेकिन जनता इस बचकाने बहाने को सुनने के मूड में बिल्कुल नहीं है। यदि आपके पास बेंच स्ट्रेंथ ही नहीं है, तो आप किस मुंह से खुद को दुनिया का सबसे अमीर और ताकतवर क्रिकेट बोर्ड कहते हैं? संजू सैमसन जैसे लगातार फ्लॉप हो रहे खिलाड़ियों को बार-बार मौका देना और युवाओं में कड़े तेवर की कमी होना साफ दिखाता है कि भारतीय टी20 टीम का भविष्य अंधकार में है। संभावनाएं साफ़ हैं कि यदि आज से शुरू हो रही वनडे सीरीज में भी यही लचर रवैया जारी रहा, तो कप्तान शुभमन गिल और टीम मैनेजमेंट को अपनी कुर्सियां बचाने के लाले पड़ जाएंगे क्योंकि फैंस का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है।



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