नयी दिल्ली. मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि राजनीतिक दलों और मतदाताओं को एक अगस्त को प्रकाशित होने वाली बिहार की मसौदा मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम शामिल कराने और अपात्र लोगों के नाम हटाने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा.

मतदाताओं के लिए जारी एक बयान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि राज्य की मतदाता सूची के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत बिहार के लिए मतदाता सूची का मसौदा शुक्रवार को प्रकाशित किया जाएगा. कुमार ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) द्वारा बिहार के सभी 38 जिलों में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भौतिक के साथ-साथ डिजिटल प्रतियां प्रदान की जाएंगी.

उन्होंने कहा, ”बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) और 243 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) उस विधानसभा क्षेत्र के किसी भी मतदाता या किसी भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल को एक अगस्त से एक सितंबर तक आगे आकर दावे और आपत्तियां प्रदान करने का अवसर देंगे ताकि किसी भी छूटे हुए पात्र मतदाता का नाम जोड़ा जा सके, किसी भी अपात्र मतदाता का नाम हटाया जा सके या मसौदा सूची की किसी भी प्रविष्टि में सुधार किया जा सके.”

सीईसी की यह टिप्पणी एसआईआर के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है, जिसमें दावा किया गया है कि यह दस्तावेज के अभाव में पात्र नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित कर देगा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा-जदयू गठबंधन अपने फायदे के लिए बिहार की स्थानीय चुनाव प्रणाली में हेरफेर कर सकता है. वर्तमान मानसून सत्र के दौरान विरोध प्रदर्शनों के चलते संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही रोजाना बाधित हो रही है.

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