बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक फर्नीचर कारखाने में आग लगने से दो श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया. पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों के अनुसार, जिले के सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार दोपहर बाद एक फर्नीचर कारखाने में आग लग गई. इस हादसे में दो श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति आंशिक रूप से झुलसने के कारण घायल हो गया.
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आग एक मोटर से निकली चिंगारी के कारण लगी, जो कारखाने में रखे तारपीन तेल के डिब्बों तक पहुंच गई. इसके बाद आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया. सिरगिट्टी थाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि मित्तल फर्नीचर कारखाने में तारपीन तेल को वहां रखे डिब्बों में भरा जा रहा था और कारखाने में फर्नीचर निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अन्य रसायन भी मौजूद थे. उन्होंने बताया कि इसी दौरान मोटर से निकली चिंगारी से एक डिब्बे में आग लग गई और उसके फटने से अन्य ज्वलनशील सामग्री ने भी आग पकड़ ली. देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया, जिसे बुझाने में करीब 10 घंटे से अधिक समय लगा.
केंवट ने बताया कि हादसे के समय कारखाने में काम कर रहे करीब 10 मजदूर और कारीगर जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे. इस दौरान एक मजदूर रितेश शुक्ला (25) बेहद बुरी तरह झुलसी हुई अवस्था में बाहर आया और उसे तत्काल बिलासपुर के छत्तीसगढ़ आयुर्वज्ञिान संस्थान (सिम्स) ले जाया गया, जहां से उसे रायपुर रेफर किया गया.
उन्होंने बताया कि रायपुर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
थाना प्रभारी ने बताया कि एक अन्य मजदूर अभिजीत उर्फ आयुष सूर्यवंशी (20) कारखाने के अंदर ही फंसा रह गया. आग और धुएं के कारण पुलिस और बचाव दल अंदर प्रवेश नहीं कर सके. इस दौरान अंदर धमाके होते रहे. बुधवार तड़के अभिजीत का शव बाहर निकाला गया. थाना प्रभारी ने बताया कि इस घटना में दक्ष नामक एक युवक भी झुलस गया है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आग से हुए नुकसान का अभी तक आकलन नहीं किया जा सका है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
