जगदलपुर। बस्तर के मांदर गांव में 26 अगस्त को पहाड़ी नाले में आई बाढ़ ने जमकर कहर ढाया। तेज पानी के बहाव से दर्जनों घर बह गए, कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। बाढ़ की तबाही के बाद अब प्रशासन ने पहाड़ी नाले के किनारे बसे ग्रामीणों को विस्थापित करने का फैसला किया है।
प्रशासन गांव के एक छोर पर 25 एकड़ भूमि 100 से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों को आवंटित करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि अगर फिर बाढ़ आई, तो उन्हें दोबारा बेघर होना पड़ सकता है। इसी डर को देखते हुए वे विस्थापन के लिए तैयार हैं।

बस्तर कलेक्टर हरीश एस ने बताया कि बाढ़ की संभावना वाले इलाकों में रहने वालों को नई जगह बसाया जाएगा। फिलहाल गांव में प्रशासन का सर्वे कार्य जारी है और जल्द ही जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
