राष्ट्रवाणी (रायपुर ब्यूरो): रायपुर, प्रतिनिधि। चक्रवाती तूफान मुरासु का असर कमजोर पड़ने के बाद भी छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी है। बुधवार को दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी वर्षा हुई।
पखांजूर में आठ सेमी, सुकमा में सात और कोंटा में पांच सेमी बारिश दर्ज की गई। राजधानी रायपुर में भी 18.6 मिमी वर्षा हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और दक्षिणी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
अगले 24 घंटे बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आने के आसार हैं। बुधवार को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई। पखांजूर में आठ सेमी, सुकमा में सात, कोंटा में पांच, माना एयरपोर्ट पर चार सेमी बारिश हुई।
लोहांडीगुड़ा, रायपुर, गादीरास और पिथौरा में दो-दो सेमी तथा लाभांडीह, छिंदगढ़, जगरगुंडा और मोहला में एक-एक सेमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी तेलंगाना और उससे लगे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। यह भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु का अवशेष है।
बुधवार दोपहर 2:30 बजे यह इसी क्षेत्र में सक्रिय था। अगले 12 घंटों में इसके और कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से पांच नवंबर को दक्षिणी छत्तीसगढ़ में मौसम प्रभावित रहेगा।
बुधवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 30.1 और न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.5 डिग्री अधिक रहा। सुबह साढ़े आठ बजे तक 18.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान रायपुर में 30.1 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 17.3 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने पांच नवंबर को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी दी है। दो दिन बाद भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
अगले 24 घंटे के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। राजधानी में गुरुवार को आकाश आंशिक मेघमय रहेगा। अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

