राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून (CG Monsoon Update) ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है।

वहीं बस्तर संभाग के कई हिस्सों और रायपुर-दुर्ग संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश (IMD Rain Alert) ने जनजीवन को प्रभावित किया है। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस समय दक्षिण छत्तीसगढ़ और उसके आसपास एक स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।

इसी सिस्टम की वजह से मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है और यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के प्रमुख जिलों में तापमान में गिरावट देखी गई है।

पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम दर्ज किया गया। जधानी के रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है।

जरा सी बारिश होते ही प्लेटफार्म पर शेड से पानी टपकने लगता है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति तब और विकट हो जाती है जब ट्रेनें लेट हों और प्लेटफार्म पर यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था भी न हो। महज एक महीने पहले तेज बारिश के दौरान प्लेटफार्म नंबर-एक पर शेड से पानी का झरना बहने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर जमकर प्रसारित हुआ था।

पानी सीधे बिजली के उपकरणों तक पहुंच रहा था, जिससे कई पंखे भी खराब हो गए थे। उस समय मामला तूल पकड़ने पर रेल प्रबंधन ने जाली और जाम पाइपों की सफाई तो करवा दी और नए पंखे भी लगवा दिए। लेकिन शेड की लीकेज को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया।

नतीजा यह है कि आज भी प्लेटफार्म-एक पर जगह-जगह शेड से पानी टपक रहा है। बारिश के दौरान शेड से गिरते पानी के कारण प्लेटफार्म पर भयंकर फिसलन हो रही है, जो आवाजाही कर रहे यात्रियों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। यात्रियों को पानी से बचने और सुरक्षित खड़े होने के लिए इधर-उधर भागना पड़ता है।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं के प्रति रेलवे के इस लचर रवैये से लोगों में नाराजगी साफ देखी जा सकती है। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो धनोरा में सबसे ज्यादा 140 मिलीमीटर पानी गिरा है। बस्तर में 100 मिलीमीटर, जबकि पखांजूर, नानगुर, कोंडागांव और अंतागढ़ में 90-90 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।

इसके अलावा दुर्ग, राजनांदगांव और बिलासपुर संभाग में भी अच्छी बारिश हुई है। मौसम केंद्र रायपुर ने आगामी 24 घंटों के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। रविवार को बस्तर संभाग में कुछ जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिसके बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आएगी।

हालांकि सोमवार को प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।

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