राष्ट्रवाणी: न्यूज, पांडातराई। कबीरधाम जिले के पांडातराई में स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। महीनों से बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायत कर रहे लोगों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया और सैकड़ों उपभोक्ता सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने अपने-अपने घरों से 200 से अधिक स्मार्ट मीटर निकालकर पूरे नगर में रैली निकाली और बिजली वितरण कंपनी के उपकेंद्र पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने मीटरों को कार्यालय परिसर और भवन की छत पर फेंक दिया। करीब एक घंटे तक बिजली कार्यालय के बाहर प्रदर्शन चलता रहा। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा, हालांकि पूरे प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ की घटना नहीं हुई। प्रदर्शन में शामिल उपभोक्ताओं का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगने से पहले उनके घरों का बिजली बिल सामान्य रूप से 600 से 700 रुपये प्रतिमाह आता था, लेकिन नए मीटर लगने के बाद वही बिल बढ़कर 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच गया। लोगों का कहना है कि न तो बिजली की खपत बढ़ी और न ही नए उपकरण लगाए गए, फिर भी बिलों में कई गुना बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने पहले विभाग में शिकायतें दर्ज कराईं, आवेदन दिए और अधिकारियों से जांच की मांग की, लेकिन समाधान नहीं मिलने पर सामूहिक आंदोलन का बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया । स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद अब केवल तकनीकी नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के भरोसे का मुद्दा बन गया है। बिजली कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित हैं और स्टैंडबाय मोड में चलने वाले उपकरणों, मोबाइल चार्जर, सेट-टॉप बॉक्स तथा सूक्ष्म बिजली खपत को भी रिकॉर्ड करते हैं। साथ ही पुराने मीटर वर्षों के उपयोग के बाद धीमी रीडिंग देने लगते हैं, जबकि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत दर्ज करते हैं। दूसरी ओर उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि मीटर सही हैं तो बिलों में अचानक इतनी बड़ी बढ़ोतरी का स्पष्ट कारण विभाग को सार्वजनिक करना चाहिए। प्रदर्शन को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पंडरिया का भी समर्थन मिला। कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया की समीक्षा, बिजली दरों में राहत, जर्जर विद्युत ढांचे के सुधार तथा अघोषित कटौती रोकने की मांग की है। पंडरिया संभाग के कार्यपालन अभियंता के.के. झा ने कहा कि जिले में अब तक 1,06,303 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और मीटर निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। यदि किसी उपभोक्ता को संदेह है तो वह चेक मीटर लगवाकर जांच करा सकता है। हालांकि पांडातराई का यह विरोध साफ संकेत दे रहा है कि स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों की आशंकाएं अभी दूर नहीं हुई हैं और यदि शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हुआ तो यह मुद्दा आगे और व्यापक रूप ले सकता है।
Trending
- फुनगा के किसान दयाराम सिंह ने अपनाया नैनो डीएपी, आधुनिक खेती की ओर बढ़ाया कदम – राष्ट्रवाणी
- आजादी के 79 वर्षों बाद भिरागांव को मिली पक्की सड़क की सौगात, ग्रामीणों ने विधायक लता उसेण्डी का जताया आभार – राष्ट्रवाणी
- गुरु पूर्णिमा पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं – राष्ट्रवाणी
- कृत्रिम गर्भाधान से बदली प्रेम कुमारी की तकदीर, डेयरी से हर माह ₹25 हजार की आय – राष्ट्रवाणी
- राष्ट्रमंडल खेलों में ज्ञानेश्वरी यादव ने रचा इतिहास, रजत पदक जीतकर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान – राष्ट्रवाणी
- छत्तीसगढ़ में खरीफ की रफ्तार तेज, 80 प्रतिशत रकबे में हुई बोनी – राष्ट्रवाणी
- शाला प्रवेशोत्सव में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने किया विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत – राष्ट्रवाणी
- स्मार्ट मीटर बना उपभोक्ताओं का भरोसेमंद साथी, बिजली बिलिंग में आई पारदर्शिता – राष्ट्रवाणी
