राष्ट्रवाणी, 20 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को देखते हुए कोनोकार्पस प्रजातियों के रोपण पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों तथा नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि भारत में कोनोकार्पस प्रजातियों से उत्पन्न पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिकीय जोखिमों के कारण स्थानीय जैव विविधता, प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र, भू-जल संसाधनों तथा जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोनोकार्पस प्रजातियों के नए वृक्षारोपण पर प्रतिबंध लगाया जाए। इसके साथ ही इन प्रजातियों के प्रचार-प्रसार और बिक्री पर भी रोक लगाने की कार्रवाई की जाए।
निर्देशों में कहा गया है कि वर्तमान में जहां कोनोकार्पस का वृक्षारोपण किया गया है, वहां उसे चरणबद्ध तरीके से हटाकर उपयुक्त देशी प्रजातियों के पौधों से प्रतिस्थापित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। स्थानीय पर्यावरण और जैव विविधता के अनुकूल देशी प्रजातियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।
यह निर्देश नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा जारी पूर्व पत्रों के संदर्भ में जारी किया गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने सभी नगरीय निकायों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
