राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, बिलासपुर। रेलवे में ट्रेनों की लेटलतीफी और परिचालन की अव्यवस्था ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। रविवार को इसका हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला, जब इंदौर से बिलासपुर आने वाली नर्मदा एक्सप्रेस ने उसलापुर स्टेशन से बिलासपुर तक महज आठ किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे लगा दिए।
ट्रेन की रफ्तार इतनी धीरे रही कि बिलासपुर-इतवारी इंटरसिटी एक्सप्रेस पकड़ने की जल्दबाजी में यात्रियों को बीच रास्ते में ट्रेन छोड़कर आटो का सहारा लेना पड़ा। परेशान यात्री इस अव्यवस्था को कोसते नजर आए। नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन का बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने का समय दोपहर 1:50 बजे हैं।
रविवार को ट्रेन लगभग तय समय पर चल रही थी। यह ट्रेन उसलापुर स्टेशन दोपहर दो बजे पहुंची। यात्री यह मानकर चल रहे थे जल्द बिलासपुर पहुंच जाएंगे।
ट्रेन स्टेशन से तो रवाना हो गई कि अमेरी फाटक और उसके बाद कार्ड केबिन फिर कोचिंग काम्लेक्स के करीब बिना किसी रूकती रही। ट्रेन की इस गति से उन यात्रियों की चिंता बढ़ गई, जिन्हें इंटरसिटी एक्सप्रेस में रायपुर की ओर जाना था। बार-बार रूकने और धीमी गति से परेशान होकर इंटरसिटी एक्सप्रेस के यात्री बीच रास्ते में उतर गए।
इसके बाद आटो से जोनल स्टेशन पहुंचे। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि नर्मदा एक्सप्रेस जिस तरह चल रही थी, उन्हें इस बार का भय था कि इंटरसिटी छूट जाएगी। इंटरसिटी एक्सप्रेस का बिलासपुर से छूटने का समय दोपहर 3:25 बजे निर्धारित है।
नर्मदा एक्सप्रेस दोपहर 3:30 बजे जोनल स्टेशन पहुंची। परिचालन की यह स्थिति देख यात्री बेहद नाराज भी हुए। उन्होंने आरोप भी लगाया कि रेलवे मालगाड़ी को पहले प्राथमिकता दे रही है।
इसी वजह से सभी रूट की ट्रेनें विलंब से पहुंचती है। इस लेटलतीफी के कारण कनेक्टिंग ट्रेनें भी छूट जातीं है। सूत्रों के अनुसार नर्मदा एक्सप्रेस का परिचालन केवल इसलिए प्रभावित हुआ है क्योंकि आगे दो मालगाड़ी थी।
मालगाड़ी के चलते ट्रेन रोकी जा रही थी। पिछले दिनों निपनिया में भी इसी तरह मालगाड़ी की वजह से लिंक एक्सप्रेस को एक घंटे रोक दी गई थी। जिसके चलते चालक व यात्रियों के बीच बहस भी हुई।

