राष्ट्रवाणी: नितिन नामदेव, रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, बोली-भाखा, पहनावा, खान-पान और तीज-त्योहारों के संरक्षण के साथ संवर्धन को लेकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के DRM को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीज-त्योहारों के अवसर पर रायपुर मंडल के रेलवे स्टेशनों में पारंपरिक और प्रमाणित छत्तीसगढ़ी लोकगीत के साथ लोकधुन बजाए जाएं।

साथ ही उन्होंने कुवार नवरात्र में स्पेशल ट्रेन चलाने की भी मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि हरेली, पोरा, तीजा, भोजली, कर्मा, कुवार और चइत नवरात्र, देवारी, गौरा-गौरी, छेरछेरा, फागुन तिहार, बस्तर दशहरा, गुरु मेला गिरौदपुरी धाम और माता कौशल्या जयंती जैसे पर्व छत्तीसगढ़ की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान हैं।

इन त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर संबंधित पर्वों के पारंपरिक लोकगीत बजाने से यात्रियों को छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोककला से जुड़ने का अवसर मिलेगा। पार्टी ने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों की संस्कृति से जुड़े गीत-संगीत सुनाए जाते हैं। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्योहारों के समय छत्तीसगढ़ी लोकगीत और लोकधुन बजाए जाने से स्थानीय लोगों में अपनी माटी और संस्कृति के प्रति अपनापन एवं गर्व की भावना मजबूत होगी।

वहीं, दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों को भी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति से परिचित होने का अवसर मिलेगा। इसी के साथ ही जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने कुवार नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए विशेष ट्रेनों के संचालन की मांग भी की गई है। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले प्रमुख शक्ति पीठ और रूटों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग रखी है।

साथ ही रायपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले रेलवे स्टेशनों और प्रमुख मार्गों पर भी नवरात्र के दौरान यात्रियों एवं भक्तों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें संचालित करने का आग्रह किया गया है। पार्टी ने विशेष रूप से मांग की है कि 1 नवंबर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस से रेलवे स्टेशनों पर छत्तीसगढ़ी लोकगीत और पारंपरिक लोकधुन बजाने की व्यवस्था शुरू की जाए और इसे प्रमुख तीज-त्योहारों के दौरान भी जारी रखा जाए।

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version