राष्ट्रवाणी: धार जिले के छोटे से गांव तिवड़ी से निकलकर मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर बनने तक का दशरथ परमार का सफर बताता है कि सफलता केवल परिस्थितियों से तय नहीं होती. मेहनत, आत्मविश्वास, परिवार का साथ और सही अवसर भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं. आज दशरथ अपने परिवार के साथ खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं और उनकी कहानी गांव के दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई है. जिन लोगों को कभी लगता था कि दिव्यांगता के कारण आगे बढ़ना मुश्किल है, उनके सामने दशरथ ने अपनी मेहनत से एक नई मिसाल पेश की है.
Trending
- संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट: 149 देशों में 252 मिलियन हेक्टेयर भूमि पुनरुद्धार के अधीन – भारतीय पीएसयू
- एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी Q2 का मुनाफा 57% बढ़कर 137.5 करोड़ रुपये हुआ; राजस्व 53% बढ़ा – भारतीय पीएसयू
- लाभप्रदता चुनौतियों के बावजूद IGL Q2 की बिक्री मात्रा 8% बढ़ी – भारतीय PSU
- चक्रवात अर्नब से फसल नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण कराने और राहत राशि देने के मुख्यमंत्री साय के निर्देश – राष्ट्रवाणी
- कोरबा: में पीएम आवास निर्माण के दौरान हादसा, दीवार से गिरकर मजदूर की मौत—देखें क्या है पूरा सच – राष्ट्रवाणी
- रायपुर: छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), EOW और ACB की बड़ी कार्रवाई: रायपुर, भिलाई समेत कई शहरों में 18 से अधिक ठिकानों पर छापे – राष्ट्रवाणी
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 6 नए जजों की नियुक्ति के प्रस्ताव को दी मंजूरी – राष्ट्रवाणी
- सुप्रीम कोर्ट: सहमति से बना संबंध टूटने पर दुष्कर्म का मामला नहीं बनता—जानें पूरा मामला – राष्ट्रवाणी

