राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, हथबंद। छत्तीसगढ़ के हथबंद स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय में लापरवाही ने सात साल के एक मासूम बच्चे की जान ले ली। यह दुखद घटना उस समय घटी जब बालक तीज के पावन पर्व पर अपने परिजनों से मिलने रतनपुर से हथबंद आया हुआ था।
किसी ने यह नहीं सोचा था कि स्कूल का परिसर बच्चों के लिए इतना खतरनाक साबित हो सकता है। स्कूल परिसर का मुख्य लोहे का गेट अचानक भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से शिवम यादव नामक बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिमगा के एसडीएम अतुल शेटे तुरंत हरकत में आए और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लेते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। वहीं, इस दुखद समय में पीड़ित परिवार को संबल देने के लिए भाजपा जिला अध्यक्ष आनंद यादव ने जिला कलेक्टर से विशेष चर्चा की। कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल 50 हजार रुपये की अंतरिम सहायता राशि मंजूर की गई, जिसे एसडीएम ने सिमगा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर पीड़ित परिजनों को सौंपा।
इसके अलावा शाला प्रबंधन की ओर से भी प्रारंभिक तौर पर 20 हजार रुपये की सहायता दी गई। इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय के मुख्य द्वार का कॉलम पिछले तीन महीनों से जर्जर हो गया था।
गेट ऊपर-नीचे से पकड़ छोड़ चुका था तथा मात्र एक पट्टी और कील के सहारे टिका हुआ था। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन और विकास समिति ने समय रहते इसकी सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने बताया कि संस्था द्वारा हर बच्चे से सालाना 600 रुपये विकास शुल्क के रूप में वसूले जाते हैं, फिर भी रखरखाव के नाम पर गंभीर अनदेखी बरती गई, जिसके कारण आज एक मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी।
जनपद सदस्य प्रतिनिधि ऋषिकांत पटेल सहित तमाम स्थानीय नागरिकों ने इस लापरवाही के लिए सीधे तौर पर शाला प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो। दूसरी ओर, हथबंद थाना प्रभारी ने बताया कि मृत बालक के शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमगा भेज दिया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
