नयी दिल्ली. वैश्विक स्तर पर स्कूल न जाने वाले बच्चों की संख्या अब 27.2 करोड़ होने का अनुमान है, जो पिछले अनुमान से 2.1 करोड़ अधिक है. यूनेस्को की वैश्विक शिक्षा निगरानी टीम (जीईएम) ने यह जानकारी दी. जीईएम ने अपनी हालिया रिपोर्ट में आशंका जतायी है कि 2025 के अंत तक देश अपने राष्ट्रीय लक्ष्यों से पिछड़ सकते हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है, ”इस वृद्धि के दो कारण हैं. पहला, नए नामांकन और उपस्थिति के आंकड़ों में कमी. 2021 में अफगानिस्तान में माध्यमिक विद्यालय में लड़कियों के जाने पर प्रतिबंध भी इस वृद्धि में योगदान देता है.” इसमें कहा गया, ”स्कूल न जाने वाले बच्चों की संख्या में वृद्धि का दूसरा कारण संयुक्त राष्ट्र के अद्यतन जनसंख्या अनुमान में बढ़ोत्तरी है जिससे ऐसे बच्चों की संख्या 1.3 करोड़ बढ़ गई.” रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संघर्षों के कारण स्कूल न जाने वाले बच्चों की संख्या को संभवत: कम करके आंका गया हो क्योंकि संघर्षों के कारण आंकड़े एकत्र करने में बाधा उत्पन्न होती है.

कुल मिलाकर, प्राथमिक विद्यालय जाने योग्य आयु वर्ग के लगभग 11 प्रतिशत बच्चे (7.8 करोड़), निम्न माध्यमिक विद्यालय जाने योग्य आयु वर्ग के 15 प्रतिशत बच्चे (6.4 करोड़) तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय जाने योग्य आयु वर्ग के 31 प्रतिशत किशोर (13 करोड़) स्कूल नहीं जा पा रहे हैं.

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